बरेली। गोलीकांड का मुख्य आरोपी राजीव राना अपने दो बेटों, दो भाइयों व चालक सहित शुक्रवार को सलाखों के पीछे पहुंच गया। राना ने बुलडोजर कार्रवाई के दौरान बृहस्पतिवार को आत्मसमर्पण कर दिया था। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने रात में ही उसके दो बेटों, दो भाइयों और चालक समेत छह को गिरफ्तार कर लिया था। शुक्रवार को सभी जेल भेज दिए गए। इस मामले में अब तक 25 लोग जेल जा चुके हैं। दूसरे पक्ष का आदित्य उपाध्याय व उसका बेटा अविरल पहले से जेल में हैं।
राजीव राना की गिरफ्तारी के बाद एसओजी ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपने बेटों और भाइयों की लोकेशन बता दी। पुलिस ने रात में ही दबिश देकर अलग-अलग जगह से उनको गिरफ्तार कर लिया। इनमें राना के दो भाई संजयनगर निवासी हरिओम और राधेश्याम व सुरेश शर्मा नगर निवासी राजीव के दो बेटे आशीष और राजन शामिल हैं। पुलिस ने राजीव राना के चालक जोगी नवादा के गोसाई गौटिया निवासी दिनेश को भी गिरफ्तार किया है। सभी छह लोगों को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया।
घटनास्थल पर सबकी मौजूदगी के रिकॉर्ड मिले
शुक्रवार को जेल भेजे आरोपियों में से अधिकतर के नाम मुकदमे में शामिल नहीं थे। इसलिए ये लोग बेखौफ होकर राजीव की मदद कर रहे थे। अचानक राजीव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने घटनाक्रम में शामिल लोगों के बारे में पूछताछ की। हालांकि, राजीव ने खुद के व परिजनों के घटना में शामिल होने से इन्कार किया है, पर पुलिस की जांच में सभी दोषी हैं। घटना के दौरान मौके पर उनकी मौजूदगी व घंटों तक बातचीत के रिकाॅर्ड मिले हैं।
राजीव पर पांच, बाकी पर दो-दो मुकदमे
राजीव राना के खिलाफ पांच मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से तीन मामले पहले से दर्ज हैं, जबकि दो मुकदमे इस घटनाक्रम के बाद लिखे गए हैं। इनमें एक पुलिस और दूसरा आदित्य गुट की ओर से लिखाया गया है। राजीव के भाइयों-बेटों व दिनेश के नाम इसी घटना के दोनों मुकदमे में शामिल किए गए हैं। राजीव का भाई संजय राना गोलीकांड का नामजद आरोपी है, लेकिन अभी वह फरार चल रहा है। चर्चा है कि पुलिस को उसके बारे में अहम सुराग मिले हैं। जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा।
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प्राॅपर्टी के कारोबार से जुड़ा है पूरा कुनबा
राजीव राना के बारे में बताया जाता है कि उसके बेटे और भाई समेत पूरा कुनबा प्राॅपर्टी के काम में लगा हुआ है। ये लोग विवादित भूखंड औने-पौने दाम में खरीद लेते हैं और बाद में अच्छे दाम में बेच देते हैं। राजीव के साथ परिवार के लोग मकान बनाकर भी बेचते हैं। इस कारोबार से परिवार ने अच्छी खासी संपत्ति अर्जित कर ली है जो अब पुलिस के रडार पर आ गई है। रजिस्ट्री दफ्तर और तहसील से राजीव के परिजनों के नाम दर्ज संपत्ति की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस गैंगस्टर के तहत राजीव और उसके परिजनों की संपत्ति को जब्त करने में जुटी है। ब्यूरो