बरेली। पीलीभीत बाइपास पर शनिवार को हुए गोलीकांड में पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश बेनतीजा रही। कोई नया आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लग सका। रविवार को पकड़े गए छह आरोपियों को सोमवार को जेल भेज दिया गया। इसमें राजीव राणा के गुर्गे व होटल के कर्मचारी शामिल हैं। ये सभी बवाल के बाद मौके से फरार हो गए थे। इससे पहले रविवार को भी 11 लोगों को जेल भेजा गया था।
राजीव राणा और केपी यादव समेत बाकी आरोपियों की तलाश में शहर समेत दूसरे जिलों में भी दबिश दी जा रही है। संभावित ठिकानों के अलावा उनके सगे-संबंधियों व करीबियों के यहां भी पुलिस पहुंची पर इनका पता नहीं चल सका। माना जा रहा है कि दोनों एक साथ कहीं सुरक्षित जगह छुपे होंगे। दोनों के नेताओं की सरपरस्ती में होने की भी चर्चा है। हालांकि, इन दोनों के मिलने के बाद स्थिति काफी हद तक साफ हो जाएगी कि घटनाक्रम से किन-किन नेताओं का जुड़ाव है?
होशियारी : घटना के वक्त बंद थे सभी के मोबाइल फोन
आमतौर पर बड़ी घटनाओं के बाद पुलिस मौके पर आरोपियों की तस्दीक के लिए सर्विलांस व सीसीटीवी कैमरों की मदद लेती है। इस लिहाज से राजीव व उसके साथी काफी सतर्क थे। उन्होंने घटना से पहले ही अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए थे। इसलिए मौके पर उनकी लोकेशन नहीं मिल रही है। राजीव के मोबाइल फोन की एक दिन पहले की लोकेशन उसके दफ्तर के आसपास ही मिल रही है।
केपी के आत्मसमर्पण की चर्चा, थाने से कोर्ट तक डटी रहीं टीमें
हिस्ट्रीशीटर केपी यादव के कोर्ट में आत्मसमर्पण की चर्चा रही। इसको लेकर सोमवार को कोर्ट परिसर में सादा कपड़ों में टीमें लगी रहीं। सूत्रों के मुताबिक केपी यादव ने न्यायालय में सरेंडर करने के लिए प्रार्थनापत्र दिया है। सोमवार को पूरे दिन राजीव राणा के भी आत्मसमर्पण करने की चर्चा रही। हालांकि, ऐसी स्थिति नहीं बनी।
गोली लगने की अफवाहों पर विराम नहीं
राजीव राणा के करीबी व कार की टक्कर से घायल हुए रोहित ठाकुर के नाम से जो तहरीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, उसमें बवाल के दौरान गोली लगने का जिक्र किया गया है। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं है। रोहित ने खुद को एक निजी अस्पताल में भर्ती बताया और रोहतार को भी गोली लगने की बात कही। वारदात के बाद शहर में कई तरह की अफवाहें फैल गई हैं जो अभी तक बरकरार हैं। जिस तरह से रोहित ठाकुर का गोली चलाते हुए वीडियो वायरल हुआ था, उसे देखकर कोई उसकी कहानी पर विश्वास नहीं कर पा रहा है। ब्यूरो
राजीव राणा समेत अन्य आरोपियों की तलाश में चार पुलिस टीमें व एसओजी लगी हुई हैं। हर संभावित जगह दबिश दी जा रही है। आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। - घुले सुशील चंद्रभान, एसएसपी