बरेली। बीडीए (बरेली विकास प्राधिकरण) गोलीकांड में दर्ज मुकदमों में नामजद और विवेचना में सामने आ रहे आरोपियों की संपत्तियों की जांच कर रहा है। इसमें पता चला है कि राजीव व उसके मददगारों ने सीलिंग की जमीन पर कब्जा करने के साथ ही कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियों को बसाया है। इनको चिह्नित कर बीडीए ने रिपोर्ट शासन को भेज दी है। बीडीए के अधिकारियों के मुताबिक शासन की ओर से आदेश मिलते ही इनको ध्वस्त कराया जाएगा।
बीडीए की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस-प्रशासन भी आरोपियों के मददगारों की जांच कर रहा है। यह पता किया जा रहा है कि आरोपियों ने संपत्ति कैसे अर्जित की? कहीं इसमें राजीव या आदित्य या उनके परिवार की भूमिका तो नहीं? यदि ऐसा हुआ तो उनके जब्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
12 लोगों के नाम सूची में शामिल, कई आर्थिक मददगार
राजीव राना और आदित्य उपाध्याय समेत उनके परिवार वालों के नाम पर जमीन की खरीद-फरोख्त करने और अन्य तरीकों से मदद करने वालों की तलाश की जा रही है। बीडीए ने सीलिंग की जमीन पर हुए कब्जों का काला चिट्ठा निकाल लिया है। इसमें 12 लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। इसमें से कई राना और आदित्य के आर्थिक मददगार भी बताए जा रहे हैं। इन्होंने कई बीघा जमीन की खरीद-फरोख्त की है। हालांकि, बीडीए के अधिकारी सूची में शामिल लोगों के नाम नहीं बता रहे हैं, पर उनका कहना है कि सूची तैयार है। इसमें आरोपियों के करीबी रहे कई बिल्डरों के नाम शामिल हैं।
नेताओं और मुखौटा कंपनी के लोगों से जुड़े आरोपियों के तार
सीलिंग की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जे कर बेचना, किसानों से सस्ती जमीन लेकर महंगी कीमतों पर बेचने का खेल सामने आ रहा है। इसमें कई नेताओं और मुखौटा कंपनियों ने आरोपियों को मदद पहुंचाई है। आरोपियों ने अपनी करीबियों के नाम ही मुखौटा कंपनियां बना रखी हैं जो राजस्व को चूना लगाने के साथ ही सरकारी जमीन की अवैध रूप से खरीद-बिक्री कर रही हैं। अब इन पर शिकंजा कसने की तैयारी है। संवाद
गोलीकांड के नामजद आरोपियों की संपत्तियों की सूची बनाई जा रही है। पुलिस की मदद लेकर लिस्ट भी तैयार हो रही है। आदेश मिलने पर अवैध निर्माण पर कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। - मनिकंडन ए, उपाध्यक्ष बीडीए