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Bareilly News: बरसात और बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद उफनाई रामगंगा

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अलीगंज। भारी बारिश और बैराज से रामगंगा नदी में पानी छोड़े जाने के बाद सूदनपुर- गुजरहाई स्थित तटबंध खतरे में है। नदी का जलस्तर दोपहर दो बजे तक 160.430 गेज मीटर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान के करीब है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मंगलवार को सदर एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार बृजेश कुमार वर्मा, लेखपाल राकेश बाबू, भुवनेंद्र सिंह ने तटबंध का निरीक्षण किया।
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बाढ़ खंड विभाग के एसडीओ अमित कुमार और जेई राजीव कुमार ने मौका मुआयना कर बताया कि रामगंगा नदी का जलस्तर मंगलवार रात आठ बजे तक और बढ़ने की संभावना है। फिलहाल, सूदनपुर-गुजरहाई के पास स्थित तटबंध पर चल रहा काम 25 जून को पूरा हो चुका है। फिर भी इन दिनों जियो ट्यूब पर पाइपलाइन व जेसीबी के जरिए खेतों से उठाकर मिट्टी डालने का काम जारी है।



बीते कई सालों से रामगंगा किनारे स्थित तटबंध सूदनपुर-गुजरहाई, गोकिलपुर, अखा और जित्तौर के पास टूटा हुआ था। इसमें सिर्फ सूदनपुर-गुजरहाई स्थित तटबंध पर ही बाढ़ खंड विभाग की ओर से काम कराया गया। वहीं, मंगलवार सुबह टूटे हुए तटबंध से रामगंगा नदी का पानी खादर इलाके में आने से किसानों की धान की पक चुकी सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। इससे श्यामपुर, गोकिलपुर, जित्तौर, खजुहाई, चुराह नवदिया, ऐंठपुर, भाट आदि गांवों के रकबे में पानी भर गया है।
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करोड़ों की लागत से हुए थे कार्य



सूदनपुर-गुजरहाई किनारे स्थित टूटे तटबंध पर इसी साल 16 मार्च से बाढ़ खंड विभाग की ओर से करोड़ों रुपये की लागत से पीपी बैग, जियो बैग, जियो ट्यूब लगाने का काम शुरू हुआ था, जो 25 जून तक पूरा कर दिया गया, लेकिन नदी के बढ़ते जलस्तर से अब परकू-पान नदी में समा चुके हैं। वहीं, जियो बैग भी नदी में समाने की कगार पर हैं। अब कहीं जियो ट्यूब भी रामगंगा की चपेट में आकर न बह जाए। इसके लिए उसके ऊपर मिट्टी डालकर बचाने की कवायद की जा रही है।



सदर एसडीएम गोविंद मौर्य का कहना है कि सूदनपुर बाढ़ चौकी को भी सक्रिय कर दिया गया है। ग्रामीणों को जो भी जरूरतमंद सामान की जरूरत पड़ेगी। उसे भी तत्काल प्रभाव से मुहैया कराया जाएगा। संवाद
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