बरेली। शहर के लोगों के लिए रामायण वाटिका के रूप में नया रमणीक स्थल विकसित हो गया है। इसमें पचास हजार तरीके के फूल और फूलों से सजी भगवान की आकृतियां अब आकर्षित कर कर रही हैं। प्रवेश द्वार से लेकर भ्रमण तक विभिन्न वाटिकाओं में रामवन गमन के वृतांत से लोग रू-ब-रू होंगे। लोग श्रीराम और भगवान शिव के विभिन्न स्वरूप देखेंगे। इसके अलावा जंगल देखेंगे और विभिन्न प्रजातियों की चिड़ियों की चहचहाहट भी सुन सकेंगे। फूलों की महक के बीच प्रकृति का सुंदर नजारा यहां दिख जाएगा। गुलाब, गेंदा समेत तमाम स्थानीय प्रजातियों के फूलों के संग हॉलैड की ट्यूलिप के लाल, पीले, बैगनी, सफेद फूल और दक्षिण भारत से लाए गए गोआब, वाकली, पाडल और मृत संजीवनी के पौधे भी अपनी महक बिखेरेंगे। बीडीए के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को सुबह से देर रात तक तैयारियों अंतिम रूप दिया। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह और वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार शुक्रवार को दिन में 11 बजे शुभारंभ करेंगे।
यह हैं खास आकर्षण
पचास हजार तरह के फूल और फूलों से सजी भगवान की आकृतियां।
मियाबाकी पद्धति से करीब नौ महीने पहले 1600 हजार पौधे लगाए गए।
शिव की स्तुति के लिए बाबा केदारनाथ मंदिर का प्रतिरूप तैयार।
फूलों से सजाए गए नंदी बाबा, शिवलिंग, जटायु और हनुमान।
राम के जीवन से जुड़े प्रसंग भी थ्री-डी चित्रों में दिखाए गए।
ब्यूरो