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दूसरे दिन भी राजेंद्रनगर में भारी तनाव का माहौल

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बरेली। राजेंद्रनगर में नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी दस्ते के बृहस्पतिवार को बिरयानी की दुकान में तोड़फोड़ की प्रतिक्रिया में छुरेबाजी की घटना होने के बाद शुक्रवार को भारी तनाव बना रहा। एक समुदाय के लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। इलाके में दंगा नियंत्रण वाहन के साथ आरएएफ और पुलिस फोर्स ने पूरे दिन डेरा जमाए रखा। पास की मस्जिद में जुमे की नमाज के लिए पुलिस ने भीड़ भी इकट्ठी नहीं होने दी।
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नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी दस्ता बृहस्पतिवार को राजेंद्रनगर में रामजानकी मंदिर के पास अल नवाज चिकन बिरयानी की दुकान के अतिक्रमण को हटाने पहुंचा था। नाले पर किया गया पक्का निर्माण तोड़ने पर टीम की दुकान मालिक हस्सान की टीम से नोकझोंक हुई। नगर निगम की टीम तो अतिक्रमण हटाकर लौट गई लेकिन इसके बाद बवाल हो गया। हस्सान पक्ष के लोगों ने व्यापारी एवं भाजपा नेता अंकित भाटिया, कमल राणा आदि पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इसमें अंकित घायल हो गए।
इसके बाद दोनों पक्षों के लोग सामने आ गए और जमकर बवाल हुआ। पथराव और धारदार हथियारों से दूसरे पक्ष की ओर से किए गए जवाबी हमले में हस्सान समेत तीन लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद शुक्रवार को दूसरे दिन भी इलाके में भारी तनाव का माहौल बना रहा। इलाके में एक पक्ष के लोगों ने शुक्रवार को अपनी दुकानें नहीं खोलीं। राजेंद्रनगर में तनाव के हालात देखते हुए भारी तादाद में पुलिस और अर्द्धसैन्य बल तैनात किया गया है। दंगा नियंत्रण टीमें भी लगाई गई हैं। शुक्रवार को जुमे की नमाज के समय पास की मस्जिद में नमाजियों की की भीड़ इकट्ठी हुई तो पुलिस ने उसे भी हटा दिया।
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पत्र वायरल, हिंदू युवा वाहिनी के नेता की शिकायत पर हुई कार्रवाई
हिंदू युवा वाहिनी के नेता कमल राणा का सात जुलाई को नगर आयुक्त को दिया गया पत्र वायरल हुआ है जिसमें बिरयानी की दुकान के खिलाफ शिकायत की गई थी। नगर आयुक्त ने इसी पत्र पर अतिक्रमण विरोधी टीम को जांच करके कार्रवाई का आदेश दिया था। सात दिन तक यह पत्र नगर निगम के कार्यालयों में घूमता रहा और बृहस्पतिवार को अचानक नगर निगम की टीम वहां कार्रवाई करने पहुंच गई। इस टीम ने मौके पर सिर्फ हस्सान की ही दुकान का नाले पर किया गया अतिक्रमण तोड़ा। आसपास की कई और दुकानों का भी नाले पर अतिक्रमण था, उसे अनदेखा कर छोड़ दिया गया। बता दें कि हस्सान पक्ष की ओर से दी गई तहरीर में अतिक्रमण की शिकायत करने वालों पर रंगदारी न देने और मुफ्त कबाब न खिलाने पर नगर निगम के जरिए दुकान में तोड़फोड़ कराने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि पुलिस ने इस पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
बाकी शहर में भी जुमे की नमाज पर कड़ी निगरानी
बृहस्पतिवार को हुए बवाल के बाद शुक्रवार को पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। हर मस्जिद के बाहर और प्रमुख चौराहों पर पुलिस तैनात की गई थी। जुमे की नमाज कड़ी सुरक्षा के बीच अदा कराई गई।
एसएसपी ने शासन को भेजी रिपोर्ट, इंस्पेक्टर को हटाया
सावन के दौरान बिरयानी की दुकानें बंद कराने या उन पर कार्रवाई को लेकर शासन की ओर से कोई निर्देश नहीं दिया गया है। इसके बावजूद नगर निगम की टीम बृहस्पतिवार को बिरयानी की दुकान का अतिक्रमण ध्वस्त करने पहुंच गई जिसकी वजह से बवाल हो गया। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि नगर निगम की टीम ने इस कार्रवाई के दौरान न पुलिस को साथ लिया और न इस बारे में सूचना दी। हालांकि एसएसपी ने बवाल के बाद इंस्पेक्टर प्रेमनगर दयाशंकर को हटा दिया है। उनकी जगह अरविंद कुमार को तैनात किया गया है।
कोई भी शिकायती पत्र आता है तो जांच करके कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाते हैं। बृहस्पतिवार को मैंने अतिक्रमण हटाने का कोई आदेश नहीं दिया था। टीम अतिक्रमण हटाकर चली आई थी, उसके बाद बवाल हुआ। अगर कहीं चूक हुई है तो उसकी जांच कराई जाएगी। - अभिषेक आनंद, नगर आयुक्त
नगर आयुक्त ने अतिक्रमण हटाने के निर्देश नहीं दिए थे। नगर निगम की टीम को अतिक्रमण हटाने से पहले पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया। पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। - सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसएसपी
बलवा और क्रिमिनल लॉ के तहत 25 लोगों पर रिपोर्ट
बिरयानी की दुकान का अतिक्रमण ध्वस्त करने को लेकर हुए बवाल के मामले में शुक्रवार को पुलिस की ओर से दरोगा विकास यादव ने भी थाना प्रेमनगर में 20-25 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें सरकारी कार्य में बाधा डालने, बलवा, तोड़फोड़ और माहौल खराब करने के अलावा 7 क्रिमिनल लॉ की धाराएं लगाई गई हैं।
रिपोर्ट में दरोगा ने आरोप लगाया है कि जब टीम अल नवाज बिरयानी का अतिक्रमण ध्वस्त कर रही थी तो वहां दोनों समुदाय की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान 20-25 लोग हंगामा करते हुए दुकानों में तोड़फोड़ करने लगे। इससे लोगों में भय का माहौल बन गया और दुकानदार दुकानें बंद करके घरों के अंदर छिप गए। जब इन लोगों को समझाया तो ये सरकारी कार्य में बाधा डालकर पुलिस पर हमलावर हो गए।
वहीं, बृहस्पतिवार को भाजपा नेता एवं व्यापारी अंकित भाटिया पर हमला करने के मामले में यतिन भाटिया की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में पुलिस ने नामजद सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से मो. इनाम, नवाब अली, मुजीब और रहीस को पुलिस ने शुक्रवार को जेल भेज दिया। वहीं, आला हजरत खानदान के बुजुर्ग मौलाना मन्नान रजा खां उर्फ मन्नानी मियां के दामाद मोहसिन रजा खां के भाई हस्सान रजा को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बृहस्पतिवार को घायल होने के बाद निजी अस्पताल में इलाज कराने के चलते शुक्रवार को पुलिस उसकी मेडिकल प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकी। इंस्पेक्टर प्रेमनगर अरविंद कुमार ने बताया कि उसे शनिवार को जेल भेजा जाएगा।
वायरल हो रहा मारपीट का वीडियो
बृहस्पतिवार को बिरयानी की दुकान के सामने भाजपा नेता अंकित भाटिया पर हुए हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ लोग इसे उदयपुर की घटना से जोड़कर भी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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