हॉटस्पॉट क्षेत्र में खुली आटा चक्की।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
छलका दर्द, काफी दूर घूमकर आनाजाना पड़ता है घर, पुलिस की सख्ती भी झेलनी पड़ती है
बरेली। लगातार कई केस निकलने के बाद शहर के पॉश इलाके राजेंद्र नगर को क्लस्टर जोन का कंटेन्मेंट एरिया घोषित कर सील करना स्थानीय लोगों को खल रहा है। अंदरूनी बाजार बंद है तो सिर्फ एक ही रास्ते से आवागमन हो पा रहा है। जिसकी वजह से लोगों को पूरी कॉलोनी का चक्कर लगाकर आना जाना पड़ता है। विशिष्ट और व्यापारी वर्ग पुलिस की टोकाटाकी से परेशान हैं। स्थानीय लोग कुछ राहत चाहते हैं, ताकि बंदिश में भी वह सजगता से अपने रोजमर्रा के काम निपटा सकें। वहीं कुछ लोग सख्ती को जरूरी बताकर प्रशासन का हर कदम पर साथ देने का दावा कर रहे हैं। मंगलवार को अमर उजाला टीम ने कॉलोनी का हाल देखा। लोगों से बात की तो सबने अपने अपने नजरिया खुलकर सामने रखा।
गलियों में पैदल भटक रहीं सानिया
पुराना शहर की सानिया दवा लेने राजेंद्र नगर के एक निजी अस्पताल आई थीं। उन्होंने बताया कि ई रिक्शा से कॉलोनी के गेट तक आ गई थीं। वहां से पैदल ही आ रही हैं। करीब आधा किमी पैदल चल चुकी हैं और एक किमी चलकर अस्पताल आएगा। वापसी में भी किसी वाहन के मिलने की गुंजाइश नहीं है। कहा कि बुजुर्ग और ज्यादा बीमार तो और सजा भुगत रहे होंगे।
चक्की का शटर बंद कर पिसाई कर रहे बबलू
राजेंद्र नगर में आटा चक्की मालिक बबलू शटर गिराकर गेहूं पिसाई और डिलीवरी का काम कर रहे थे। बबलू का कहना था कि आटे का काम यूं तो आवश्यक सेवा में आता है पर पुलिसकर्मी अक्सर आकर उन्हें चेतावनी देकर चले जाते हैं। वह चक्की न खोलें तो ग्राहक परेशान करते हैं।
सारे रास्ते बंद होने से बढ़ी समस्या: संजय अरोड़ा
व्यापारी नेता संजय अरोड़ा का कहना है कि कॉलोनी के सारे रास्ते बंद करने से समस्या बनी है और लोग तनाव से जूझ रहे हैं। सलेक्शन प्वाइंट साइड का गेट भी लगभग बंद रहता है। आईवीआरआई साइड में इकलौता गेट खोला है। इधर से कई लोगों को दो किमी फिजूल का चक्कर लगाकर अपने घर पहुंचना होता है। कम से कम दो गेट खुले रहें तो इकलौते प्रवेश द्वार पर फिजूल की भीड़ न हो। मॉडल रोड पर भी पूरा रोड बंद कर एक साइडलेन से आवागमन बेतुकी बात है। यहां जाम लगता है और लोग एकदूसरे से सटकर निकलते हैं जो संक्रमण बढ़ाने का काम करता है। दूसरी साइड लेन भी खुली हो तो ऐसी समस्या दूर हो सकती है।
प्रशासन सहयोग करे तो मदद करेंगे व्यापारी: तरुण साहनी
साड़ी व्यवसायी तरुण साहनी का कहना था कि उन्होंने व दूसरे साथियों ने आर्य समाज गली स्थित अपनी सारी दुकानें कई दिन खुद बंद रखी थीं। अब राजेंद्र नगर स्थित घर से दुकान जाने पर पुलिस वालों के सख्त अंदाज से रूबरू होना पड़ता है। अंदर सब्जी मंडी बंद है। दो दिन बाद कोई सब्जी वाला अंदर आता भी है तो पुलिस की गाड़ी का सायरन सुनकर खिसक लेता है। स्थानीय लोग काफी समझदार हैं। पहले तो पूरा राजेंद्र नगर बंद करने का कोई तुक नहीं थी। किया भी है तो कुछ सहूलियतें दी जानी चाहिए। व्यापारी भी भीड़ नहीं लगाएंगे। बंदिश कितने दिन रहेगी, यह भी कोई नहीं बता रहा। कोई 14 तो कोई 21 दिन कह रहा है।
इतनी टोकाटाकी तो जरूरी है: खटवानी
दवा व्यवसायी दुर्गेश खटवानी का कहना है कि राजेंद्र नगर में अपने आवास से वह भी रोज मेडिकल स्टोर पर जाते हैं। पुलिस पूछती है तो बता देते हैं। उन्होंने महसूस किया है कि किसी से पुलिस अभद्रता नहीं कर रही। गैरजरूरी काम से निकलने वालों को केवल टोक रही है। कॉलोनी को बड़े खतरे से बचाना है तो इतना सहयोग तो जनता व व्यापारियों को करना पड़ेगा।
पार्षद की नजर में तो सब ठीक
स्थानीय पार्षद सतीश कातिब ‘मम्मा’ का कहना है कि कॉलोनी में किसी तरह की समस्या नहीं है। लोगों को जरूरी सामान की होम डिलीवरी मोबाइल पर दिए उनके ऑर्डर पर कराई जा रही है। दवा व इलाज की सुविधा भी है। कॉलोनी में बंदिश के वक्त में सैनिटाइजर स्प्रे लगातार कराया जा रहा है। बुधवार को सुबह दस बजे से सूरजभान डिग्री कॉलेज में लोगों के कोरोना टेस्ट सैंपल कराए जाएंगे। फिजूल में सड़क नापने वालों को पुलिस टोक रही है। किसी व्यापारी से अभद्रता का कोई मामला सामने नहीं आया।
लगातार केस मिलने से है समस्या, लोग सब्र करें: एसपी सिटी
कोरोना के केस राजेंद्र नगर में लगातार मिलने से उसे कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। शासन के निर्देशानुसार यहां चिकित्सा को छोड़कर कोई गतिविधि नहीं होनी चाहिए। यहां केवल स्वास्थ्य, नगर निगम, राजस्व विभाग व पुलिस के लोग आवश्यक सेवा के कार्यों को अंजाम देते हैं। राजेंद्र नगर में सब्जी, दूध से लेकर जरूरत का सब सामान घरों तक पहुंच रहा है। केस मिलने बंद हुए तो उसे फिर से सामान्य श्रेणी में कर दिया जाएगा। लोगों को सब्र रखना चाहिए। पुलिस भी जान का जोखिम लेकर वहां लोगों को सुरक्षित करने के लिए ड्यूटी दे रही है।