बरेली। भारतीय रेलवे में फेडरेशन के चुनाव नवंबर में होने की संभावना है, जबकि चुनाव अगस्त के आखिरी सप्ताह में होने थे। वर्तमान में रेलवे में एआईआरएफ (ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन) और एनएफआईआर (नेशनल रेलवे इंडियन रेलवे) सत्ता और बीआरएमएस (भारतीय रेलवे मजदूर संघ) विपक्ष में है। सूत्रों का कहना है कि अब फेडरेशन का चुनाव लड़ना भी मुश्किल होगा। अब तक जमानत राशि 25 हजार रुपये थी, जो पांच प्रतिशत वोट मिलने पर ही वापस होती थी, लेकिन अब रेलवे बोर्ड ने जमानत राशि एक लाख रुपये कर दी है, जो वापस भी नहीं होगी। पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ के सहायक महामंत्री जेएस भदौरिया ने बताया कि अभी बीआरएमएस के अलावा किसी भी यूनियन ने कर्मचारियों के हितों की लड़ाई नहीं लड़ी है। बीआरएमएस के कामों का जल्द परिणाम भी देखने को मिलेगा।