बरेली। दो दिन अवकाश के बाद पूरी क्षमता से खुली अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की कतार रही। जिला चिकित्सालय और तीन सौ बेड अस्पताल में करीब दो हजार से ज्यादा मरीजों का इलाज हुआ। ज्यादातर मरीज तेज बुखार, शरीर और मांसपेशियों में दर्द की चपेट में रहे। इसमें संदिग्ध रहे डेढ़ सौ से ज्यादा मरीजों की मलेरिया जांच की गई। इनकी रिपोर्ट निगेटिव रही।
ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीज की भीड़ से पर्चा काउंटर, दवा काउंटर समेत पैथोलॉजी में जांच के दौरान नोकझोंक की स्थितियां रहीं। बच्चा वार्ड में भी इलाज के 148 बच्चे पहुंचे। जो सर्द गर्म के साथ उल्टी, दस्त, पेट में इंफेक्शन, गले में जकड़न की शिकायत लेकर पहुंचे थे। डायरिया पीड़ित छह बच्चे भर्ती हुए। फिजिशियन डॉ. सतीश चंद्रा के मुताबिक जिन्हें लंबे समय से खांसी आ रही थी, उनकी टीबी जांच कराई गई। सर्वाधिक वायरल के मरीज पहुंचे।
बताया कि बारिश और धूप निकलने से तापमान में उतार चढ़ाव जारी है। ऐसे में जरा सी बेपरवाही सेहत पर भारी पड़ रही है, क्योंकि ऐसे मौसम में पाचन शक्ति प्रभावित होती है। बैक्टीरिया की सक्रियता बढ़ती है। दूषित खानपान के सेवन से पेट में इंफेक्शन से कई बीमारियां पनपती हैं।
दिव्यांगता प्रमाणपत्र के लिए लगी रही कतार
सीएमओ कार्यालय में आयोजित शिविर में भी दूरदराज से दिव्यांग विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचे थे। बीते सप्ताह बारिश, फिर अवकाश की वजह से स्लॉट के बावजूद कई दिव्यांग शिविर में नहीं पहुंच सके थे। अबकी बार सुबह मौसम साफ रहा और अवकाश न होने से 72 दिव्यांग पहुंचे थे। इसमें से 58 दिव्यांगों के नवीनीकरण, दिव्यांगता, सत्यापन संबंधी प्रमाणपत्र जारी किए गए।