बरेली। स्वयंकर निर्धारण प्रक्रिया के तहत गृहकर जमा करने वाले कई उपभोक्ताओं की फाइलें जांच के नाम पर नगर निगम में खोली गई हैं। पार्षदों ने इस जांच पर सवाल खड़े किए हैं। जनता के उत्पीड़न का आरोप भी लगाया है। इस शिकायत पर महापौर ने सीटीओ से जवाब तलब किया है।
पार्षदों का कहना है कि महापौर व तत्कालीन नगर आयुक्त के सामने पहले ही यह बात तय हुई थी कि दस प्रतिशत फाॅर्म की जांच की जाएगी। मामला महापौर और नगर आयुक्त के संज्ञान में लाने के बाद ये जांच होगी। इसके विपरीत कर विभाग बड़ी संख्या में स्वयंकर फार्मों की जांच करा रहा है, जो गलत है। उन्होंने महापौर से मांग की है कि जांच के नाम पर हो रहे उत्पीड़न को रोकने के लिए मुख्य कर अधिकारी को निर्देशित किया जाए। वहीं जनता काफी समय से जीआईएस सर्वे के नाम पर निगम के चक्कर काट रही है और राजस्व वसूली भी प्रभावित हो रही है। इससे जुड़ीं दिक्कतों को भी दूर किया जाए।
इस मामले में महापौर ने सीटीओ प्रदीप कुमार को बुलाया तो पार्षदों ने उन्हें घेर लिया। उनसे फाइलों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि 70 फाइलों से अधिक जांच के लिए नहीं ली गई हैं। फाइलों की जांच भी निष्पक्ष होगी। सीटीओ ने किसी का उत्पीड़न न होने देने का आश्वासन दिया है। संवाद