बरेली। जीआईएस सर्वे के बाद गृहकर को लेकर मची रार थमने का नाम नहीं ले रही। आदेश के बाद भी संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने पर सोमवार को जनता का आक्रोश फूट पड़ा। पार्षद राजेश अग्रवाल की अगुवाई में पहुंचे पार्षदों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों व करदाताओं ने नगर निगम परिसर में विरोध-प्रदर्शन करते हुए महापौर का घेराव किया। समस्याओं को नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स से भी बात की। महापौर ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी (सीटीओ) को बुलाकर तीन बिंदुओं पर सुधार के निर्देश दिए।
राजेश अग्रवाल ने कहा कि बोर्ड बैठक में फैसला होने के बाद भी गृहकर की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। एक ही मकान पर आवासीय और व्यावसायिक दोनों बिल जारी हो रहे हैं। चार से पांच डिमांड आ रही हैं। इस मौके पर उप्र उद्योग व्यापार मंच, बरेली ट्रेड यूनियन, बरेली संघर्ष समिति, बरेली सिविल सोसाइटी, समाजसेवी पम्मी खां वारसी, संजीव मेहरोत्रा समेत काफी संख्या में करदाता मौजूद रहे।
इन बिंदुओं पर करना होगा सुधारकर की गणना कर सीधा बैंक में जमा करें टैक्स : पुराने करदाताओं को दिए जा रहे स्वयंकर फॉर्म पर बैंक का नाम व अकाउंट नंबर दर्ज होगा। इससे वह अपने कर की गणना कर सीधे बैंक में उसे जमा करा सकेंगे।
मिश्रित भवनों के लिए भरना होगा अलग-अलग फॉर्म : मिश्रित भवनों के आवासीय भाग पर फिर से छूट मिलेगी। करदाताओं को इसके लिए व्यावसायिक और आवासीय का अलग-अलग फाॅर्म भरना होगा।
बाहरी व्यक्तियों की तैनाती को करें समाप्त : नगर निगम के टैक्स विभाग में तैनात बाहरी व्यक्तियों को हटाने की मांग की गई है। दूसरे विभाग के कर्मचारी जो अपने पद से ऊपर के कार्य कर रहे हैं, उन्हें भी कार्यमुक्त करने को कहा गया है।
महापौर ने टैक्स काउंटरों का किया निरीक्षण
हंगामे के दौरान पता चला कि गृहकर की शिकायत लेकर आने वाले पीड़ित परेशान हैं। ऐसे में सीटीओ को नगर निगम के गलियारे में कुर्सियां डलवाने के लिए कहा गया है। वहीं पुराने भवन में बन रहे टैक्स के काउंटरों का महापौर ने निरीक्षण किया। काउंटर और कार्यालय बनने के बाद टैक्स का काम उसमें शिफ्ट कर दिया जाएगा।
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने भी दिया ज्ञापन
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने भी टैक्स की समस्या को लेकर ज्ञापन दिया है। पदाधिकारियों का कहना है कि जीआईएस सर्वे ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। मंदी के दौर में चार गुना अधिक टैक्स लग रहा है। उन्होंने व्यापारियों पर लगाए गए नाजायज टैक्स को तत्काल वापस लेने की मांग की। संवाद