रामनगर के गांव चंदूपुरा के विद्याराम की पत्नी ममता को बुधवार को प्रसव पीड़ा हुई तभी पति ने महिला को पीएचसी न ले जाकर घर पर ही प्रसव का इंतजार करने लगे। थोड़ी देर बाद महिला ने बेटी को जन्म दिया लेकिन प्रसूता की हालत खराब होने लगी। कुछ समय बाद महिला ने एक और बेटी को जन्म दिया। इसके बाद महिला की हालत बिगड़ती चली गई। गरीब विद्याराम कोई सुविधा नहीं जुटा सका। उसने 108 एंबुलेंस को सूचना की पर जब तक एंबुलेंस गांव पहुंची। तब तक प्रसूता की मौत हो चुकी थी। इससे पूर्व में भी ममता ने आपरेशन से एक बेटे को जन्म दिया था। इससे विद्याराम की आर्थिक हालत कमजोर हो गई। इसी कारण विद्याराम समय से पत्नी का इलाज न करा सका। विद्याराम के चार बेटे है। अभी जन्मी दोनों बेटियां जीवित है।