- मजलिस और दहकती आग पर मातम कर दिया पुरसा
बरेली। अंजुमन शमशीर-ए-हैदरी बरेली की ओर से 25 सफर को कर्बला में नबी-ए-करीम पैगंबर-ए- अकरम हजरत मोहम्मद मुस्तफा के नवासे इमाम हुसैन व दीगर शहीदान-ए कर्बला की शहादत को याद किया गया। शोक प्रकट करने के लिए मजालिस, जुलूस-ए-अलम व आग पर मातम किया गया।
बाजार संदल खां स्थित कदीमी इमामबाड़ा बैरिस्टर साहब में शाम को पहली मजलिस को मौलाना नाज हैदर नकवी ने संबोधित किया। मजलिस के बाद यहां से जुलूस-ए-अलम मुबारक बरामद किया गया। बाहर से आई अंजुमन, अंजुमन सरकार-ए-अबुतालिब ननौता सादात सहारनपुर, अंजुमन शाब्बीरिया पिहानी, अंजुमन पंजेतनी सिरसी तथा अंजुमन पंजेतनी सेंथल ने नौहा ख़्वानी व सीनाज़नी करके शहजादी-ए-कौनैन जनाब-ए-फातिमा जहरा को उनके फरजंदों का पुरसा पेश किया।
जुलूस अपने परंपरागत कदीमी रास्तों से होता हुआ दीवानखाना इमाम बाड़ा पहुंचा। यहां प्रमुख अंजुमनों की नौहाख्वानी के बाद अंजुमन शमशीर-ए-हैदरी के नौजवान व बच्चों ने जंजीर व कमा का मातम किया। काला इमामबाड़ा में अंजुमन शाब्बीरिया पिहानी के नौजवानों ने दहकती हुई आग पर चलकर मातम किया। कार्यक्रम का संचालन कलीम हैदर नकवी कैफी ने किया।
कार्यक्रम में शबाब हैदर नकवी, सईद रिजवी, नायब हैदर, कल्बे हुसैन फरीद, आसिफ जैदी, जहीर अब्बास, अधिवक्ता समर रिजवी, रजा रिजवी आदि उपस्थित रहे। संवाद