- आरोपी की तलाश में दबिश दे रही सात सदस्यीय टीम, अब 17 को होगी मामले की सुनवाई
फरीदपुर (बरेली)। रिश्वत लेकर स्मैक तस्करों को छोड़ने के मामले में फरार इंस्पेक्टर रामसेवक का सुराग नहीं मिल सका है। गिरफ्तारी के लिए सात सदस्यीय पुलिस टीम दबिश दे रही है। अब पुलिस उसका गैरजमानती वारंट लेने की तैयारी में है।
पुलिसिया पैंतरों की जानकारी होने की वजह से रामसेवक लगातार टीम को चकमा दे रहा है। वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी नहीं कर रहा। मुकदमे में हाईकोर्ट से स्टे लेने के लिए उसकी ओर से दायर याचिका पर 17 सितंबर को सुनवाई होनी है। इसलिए पुलिस की एक टीम प्रयागराज में भी सक्रिय है।
दो रिपोर्ट हो चुकीं दर्ज
सीओ गौरव सिंह ने फरार इंस्पेक्टर के खिलाफ रिश्वत लेने के मामले में 22 अगस्त को बीएनएस व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया। इसकी जांच सीओ हाईवे विनीत कुमार कर रहे हैं। वहीं, 30 अगस्त को फरीदपुर थाने के हेड मोहर्रिर राम बहादुर सिंह ने रामसेवक के खिलाफ सरकारी पिस्टल, दस कारतूस व मैगजीन ले जाने के आरोप में दूसरा मुकदमा दर्ज कराया था। दोनों मुकदमों में पुलिस को रामसेवक की तलाश है। संवाद
रामसेवक की तलाश की जा रही है। स्थानीय कोर्ट में जल्दी ही उसके गैर जमानती वारंट के लिए अर्जी दी जाएगी। फिर भी वह नहीं मिला तो संपत्ति कुर्क की जाएगी। हाईकोर्ट में रामसेवक की ओर से दायर याचिका पर पुलिस ने काउंटर दाखिल कर दिया है। - नितिन कुमार, सीओ हाईवे