बरेली। सेटेलाइट बस अड्डे से संचालित होने वाली बसों को जल्द ही इज्जतनगर में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इज्जतनगर में रोडवेज बस अड्डे के भवन निर्माण का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। अब यहां बसों के लिए प्लेटफार्म बनाने के साथ फिनिशिंग के कुछ ही बचे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि फरवरी तक उत्तराखंड, दिल्ली, लखनऊ, पीलीभीत, फर्रुखाबाद आदि मार्गों की बसों का संचालन यहां से होने लगेगा।
इज्जतनगर में केंद्रीय कारागार की 2.285 हेक्टेयर भूमि पर 16.72 करोड़ की लागत से बस अड्डा का निर्माण का काम यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन करा रहा है। कवायद पूरी होने के बाद शहर की सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव कम होगा।
सेटेलाइट बस अड्डा पर रोजाना औसतन 360 और पुराना बस अड्डा पर करीब 300 बसों का आगमन होता है। इधर, सेटेलाइट बस अड्डा को पीपीपी मॉडल पर कॉम्पलेक्स के रूप में विकसित करने की तैयारी है। बसों का संचालन बंद होने के बाद यहां काम भी शुरू कराया जा सकेगा।
लखनऊ, देहरादून, हल्द्वानी, टनकपुर, पीलीभीत, फर्रुखाबाद, कानपुर, दिल्ली आदि मार्गों की बसों का संचालन फिलहाल सेटेलाइट बस अड्डे से किया जा रहा है। सेवा प्रबंधक धनजी राम ने बताया कि इज्जतनगर बस अड्डा का काम लगभग पूरा हो चुका है। रंग-रोगन का काम पूरा होने के बाद यहां से बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। संवाद
पुराना बस अड्डा पर प्रस्तावित है ई-बस चार्जिंग स्टेशन
पुराना रोडवेज बस अड्डा पर ई-बस चार्जिंग स्टेशन प्रस्तावित है। बरेली रीजन को पहले चरण में 50 ई-बसें मिलेंगी। इन ई-बसों को 250 किमी तक दूरी वाले जिलों के लिए संचालित किया जाएगा। बदायूं और बरेली में चार्जिंग स्टेशन बनाए जाने हैं। पीपीपी मॉडल पर सेटेलाइट बस अड्डे का काम पूरा होने के बाद बदायूं, कासगंज, एटा, आगरा, मथुरा, अलीगढ़ रूट की बसों का संचालन सेटेलाइट बस अड्डे से शुरू किया जाएगा।