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अंधविश्वास: इस सरकारी अस्पताल में अपशकुन का सन्नाटा, नहीं गूंज रहीं 'किलकारियां'

Thu, 08 Jun 2023 06:34 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

राह में श्मशान होने से अपशकुन की आशंका में गर्भवती प्रसव के लिए अस्पताल नहीं पहुंच रही हैं। चिता से उठती लपटें उन्हें विचलित करती हैं। अपशकुन की आशंका के चलते वे निजी अस्पतालों का रुख कर लेते हैं।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रास्ते में है श्मशान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के फतेहगंज पश्चिमी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में संस्थागत प्रसव का आंकड़ा घटता जा रहा है। राह में श्मशान होने से अपशकुन की आशंका में गर्भवती प्रसव के लिए अस्पताल नहीं पहुंच रही हैं। चिता से उठती लपटें उन्हें विचलित करती हैं। अपशकुन की आशंका के चलते वे निजी अस्पतालों का रुख कर लेते हैं। इस अंधविश्वास ने चलते सीएचसी की किलकारियों को छीन लिया है। 

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प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. संचित शर्मा के मुताबिक सीएचसी पर सामान्य प्रसव के लिए स्टाफ, उपकरण व दवाएं आदि मौजूद है। प्रतिमाह चार सौ से ज्यादा गर्भवती नियमित जांच कराने पहुंचती हैं। इसके बावजूद प्रसव का आंकड़ा सवा सौ पर ही अटक जाता है। जांच के सापेक्ष प्रसव की संख्या बढ़ाने के लिए उच्चाधिकारियों की ओर से लगातार निर्देश मिलते रहे।

तमाम प्रयासों के बाद भी जब यहां प्रसव का आंकड़ा नहीं बढ़ा तो सीएचसी प्रभारी ने इसकी पड़ताल की। आशा कार्यकर्ता और अन्य स्टाफ ने गर्भवतियों व उनके परिजनों से संपर्क किया तो पता चला कि वे प्रसव पीड़ा की स्थिति में श्मशान भूमि से होकर गुजरना नहीं चाहते। जिन्हें श्मशान भूमि से गुजरने में कोई दिक्कत नहीं, सिर्फ वहीं गर्भवती सीएचसी पहुंचती हैं।

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लोगों को कर रहे जागरूक

डॉ. संचित ने कहा कि जांच कराने पहुंच रही गर्भवतियों और उनके परिजनों को जागरूक किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि श्मशान भूमि से गुजरने से जच्चा-बच्चा पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। सीएचसी पर प्रसव से मिलने वाली सुविधाओं की भी जानकारी दी जा रही है।

पुराने भवन में गूंज रहीं किलकारियां 

फतेहगंज पश्चिमी सीएचसी ग्राम खिरका में स्थित है। इसका एक उपकेंद्र करीब चार किमी दूर नगर क्षेत्र में है। डॉ. संचित के मुताबिक उपकेंद्र पर महज प्राथमिक इलाज की ही सुविधा है, लेकिन प्रकरण संज्ञान में आने के बाद 20 मई को पुराने भवन में ही नवजात के लिए बॉडी वॉर्मर, गर्भवती को भर्ती करने के लिए दो बेड, बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण की व्यवस्था की गई। 

जो गर्भवती सीएचसी पर नहीं पहुंचना चाहती हैं, वह उपकेंद्र पर प्रसव करा सकती हैं। केंद्र पर प्रशिक्षित स्टाफ तैनात है। अब तक वहां 12 प्रसव हो चुके हैं।
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