लोगों को कर रहे जागरूक
डॉ. संचित ने कहा कि जांच कराने पहुंच रही गर्भवतियों और उनके परिजनों को जागरूक किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि श्मशान भूमि से गुजरने से जच्चा-बच्चा पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। सीएचसी पर प्रसव से मिलने वाली सुविधाओं की भी जानकारी दी जा रही है।
पुराने भवन में गूंज रहीं किलकारियां
फतेहगंज पश्चिमी सीएचसी ग्राम खिरका में स्थित है। इसका एक उपकेंद्र करीब चार किमी दूर नगर क्षेत्र में है। डॉ. संचित के मुताबिक उपकेंद्र पर महज प्राथमिक इलाज की ही सुविधा है, लेकिन प्रकरण संज्ञान में आने के बाद 20 मई को पुराने भवन में ही नवजात के लिए बॉडी वॉर्मर, गर्भवती को भर्ती करने के लिए दो बेड, बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण की व्यवस्था की गई।
जो गर्भवती सीएचसी पर नहीं पहुंचना चाहती हैं, वह उपकेंद्र पर प्रसव करा सकती हैं। केंद्र पर प्रशिक्षित स्टाफ तैनात है। अब तक वहां 12 प्रसव हो चुके हैं।