बरेली। राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण से कनेक्टिविटी बेहतर हुई है, लेकिन उनका रखरखाव ठीक नहीं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) टोल टैक्स की वसूली में कोई कसर नहीं छोड़ता, पर राहगीरों को सुविधाएं देने में फिसड्डी साबित हो रहा है। हाईवे के गड्ढे लोगों को बीमारियां बांट रहे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री का गड्ढामुक्ति का आदेश भी बेअसर साबित हो रहा है।
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बरेली-सितारगंज हाईवे : 12 किमी में 50 से अधिक गड्ढे
बरेली-सितारगंज हाईवे पर सुरेश शर्मा नगर से लभेड़ा स्थित टोल प्लाजा तक 12 किमी में छोटे-बड़े 50 से अधिक गड्ढे हैं। टोल प्लाजा से आधा किलोमीटर आगे सड़क उखड़ गई है। विलयधाम पुल के निकट जलभराव है। स्कूटी का आधा पहिया डूब जाता है। संभलकर नहीं चले तो गिर सकते हैं। कार से बरेली से पीलीभीत जाने पर टोल के 150 रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके बाद भी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
बरेली-मथुरा हाईवे : भमौरा के निकट सड़क धंसी
बरेली-मथुरा हाईवे पर सरदारनगर पुल के निकट सड़क धंसने सें पांच फुट गहरा गड्ढा हो गया है। यहां न तो कोई संकेतक लगा है, न ही स्ट्रीट लाइट। खतरा केवल यहीं नहीं है। भमौरा से 50 मीटर आगे कई गड्ढे हैं। बझा नदी पुल पर भी गहरे गड्ढे हैं। खेड़ा गांव के सामने 500 मीटर सड़क खस्ताहाल है। कोहनी गांव के आगे 25-30 मीटर हिस्सा टूटा है। वाहनपुर मोड़ के निकट पटरी सहित सड़क का भी थोड़ा सा हिस्सा कटा है। जलभराव होने से खतरा अधिक है।
बरेली-दिल्ली हाईवे : छह महीने पहले बनी सड़क उखड़ गई
बरेली-दिल्ली हाईवे पर सीबीगंज में डाकघर के सामने दो फुट लंबे और तीन से छह इंच तक गहरे चार गड्ढे हैं। बारिश और पाइप लाइन में लीकेज की वजह से यहां हमेशा जलभराव रहता है। इस वजह से आठ साल में सड़क कई बार टूट चुकी है। अगर किसी को शहर से रामपुर जाना है तो उसे इन गड्ढों से होकर गुजरना पड़ेगा। यह सड़क पहले लोक निर्माण विभाग के पास थी, अब बीडीए के पास है। गड्ढे सुरक्षित सफर में बाधक हैं।
बरेली-लखनऊ हाईवे : टोल टैक्स भरिए और गड्ढे से बचकर निकलिए
बरेली-लखनऊ हाईवे पर शाहजहांपुर मेंबरेली मोड़ से आगे और हरदोई बाइपास से पहले एक गैस एजेंसी के सामने हाईवे पर गड्ढा है। हरदोई बाइपास से आगे सर्विस रोड भी उखड़ गई है। इस मार्ग से होकर लोग कार से लखनऊ जाते हैं तो 380 रुपये टोल भी चुकाते हैं, लेकिन गड्ढे देखकर आहत होते हैं।
-हाईवे की हालत अच्छी नहीं
मेरा पीलीभीत और सितारगंज तक आना-जाना लगा रहता है। दोनों तरफ से टोल देते हैं, पर हाईवे की हालत अच्छी नहीं है। जब सड़क ठीक नहीं दे सकते तो फिर टोल क्यों वसूल रहे हैं? - शिवशंकर राठौर, सुरेश शर्मा नगर
सड़कों को गड्ढामुक्त कराने पर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। विलयधाम पुल के नीचे सड़क के गड्ढों में गिरकर बाइक सवार जख्मी हो रहे हैं। सड़क तो बनाई गई, लेकिन जल निकासी का इंतजाम नहीं है। - वेदप्रकाश पटेल, मुड़िया अहमद नगर
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बरेली-मथुरा हाईवे पर बरेली-बदायूं के बीच अगर कहीं किसी गड्ढे से हादसे का खतरा है तो उसे ठीक कराएंगे। - उत्कर्ष शुक्ला, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
बरेली-लखनऊ हाईवे का बरेली से सीतापुर तक का हिस्सा बरेली खंड में है। इस पर कहीं कोई गड्ढा है तो उसे भरवाया जाएगा। बरेली-सितारगंज हाईवे निर्माणाधीन है। उसका निरीक्षण कराएंगे। गड्ढे भी भरवाए जाएंगे। - प्रशांत दुबे, पीडी, एनचएआई बरेली