बरेली। दिवाली का पर्व हर व्यापारी के लिए विशेष होता है। इस दिन वे अपने व्यवसाय में समृद्धि और सफलता की कामना के लिए बही खातों की भी पूजा करते हैं। बदलते समय के साथ व्यापारियों की ओर से किए जाने वाले बही खाता पूजन में आधुनिकता ने अपनी जगह बना ली है। हालांकि पूजा के धार्मिक रीति रिवाज और परंपराएं कायम हैं। स्थानीय कारोबारी अखिल खंडेलवाल ने बताया कि पहले वह केवल कागजों के बही खातों की पूजा करते थे, लेकिन हिसाब किताब डिजिटल होने के बाद सारा डाटा कंप्यूटर और मोबाइल में रखा जाने लगा है, जिस वजह से डिजिटल खातों की भी पूजा की जाने लगी है। व्यापारी अमित गोयल के मुताबिक डिजिटलाईजेशन से काम में पारदर्शिता आई है, और खातों का उपयोग करना आसान हुआ है। जिस वजह से उन्होंने लैपटॉप में रखें डिजिटल खातों को भी अपनी पूजा का हिस्सा बनाया है। संवाद