किसान अपनी मांगों को लेकर कमिश्नर से मिलने पहुंचे थे, लेकिन कमिश्नरी परिसर के बाहर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस पर पुलिस और किसानों के बीच नोकझोंक हुई। करीब आधे घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
बरेली में अपनी मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले कमिश्नर से मिलने पहुंचे किसानों को प्रवेश द्वार पर रोकने से हंगामा की स्थिति बन गई। आक्रोशित किसान धरने पर बैठ गए। सूचना पर पहुंचे एसीएम प्रथम ने किसानों को समझाकर शांत कराया। कमिश्नर को संबोधित ज्ञापन अपर आयुक्त न्यायिक प्रीति जायसवाल को सौंपकर मांगों पर उचित कार्रवाई को कहा।
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शनिवार को यूनियन के बैनर तले बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर के कई किसान मंडल अध्यक्ष सतविंदर सिंह कहलो, मंडल उपाध्यक्ष चौधरी सौदान सिंह, मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना के नेतृत्व में सेठ दामोदर स्वरूप पहुंचे। यहां सभी एकजुट होकर कमिश्नर कार्यालय जाने लगे तो उन्हें पुलिसकर्मियों ने रोक दिया। मौके पर दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई। पुलिसकर्मियों ने सूचना उच्चाधिकारियों को दी तो मौके पर फोर्स पहुंच गई।
धारा 144 का हवाला देकर हिरासत में लेने की चेतावनी दी तो पदाधिकारी आक्रोशित हो गए। मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना, मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र कुमार गुप्ता, जिलाध्यक्ष पीलीभीत वेद प्रकाश शर्मा ने जेल जाने की घोषणा करने लगे। अपर आयुक्त न्यायिक प्रीति जायसवाल और एसीएम प्रथम नहने राम मौके पर पहुंचे। उन्होंने यूनियन के प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात के लिए बुलाकर वार्ता की।
- गोवंश गौशाला भेजने, पीलीभीत में नहर की सफाई, टेल तक पानी पहुंचाने।
- जबरन नैनो यूरिया न देने, बाघों के हमले से किसानों को सुरक्षित करने।
- अघोषित विद्युत कटौती दूर करने, बदायूं ककराला में फाल्ट सही कराने।
- गन्ने का भुगतान ब्याज समेत कराने, किसानों से वसूली बंद कराने।
- बेमौसम बारिश से फसल बर्बाद हुई, किसानों को कर्ज माफी दिलाने।
- ग्रामीणों के विद्युत घरेलू और टयूबवेल के बिल से राहत दिलाने व अन्य