फरीदपुर। सितारगंज गांव में चल रही ठेका देशी शराब की दुकान के विरोध में गांव की दर्जनों महिलाओं ने बृहस्पतिवार रात करीब 10:30 बजे थाने का घेराव कर जमकर प्रदर्शन किया। पुलिस के काफी समझाने के बाद महिलाएं शांत हुईं और फिर गांव चली गईं।
बृहस्पतिवार रात करीब 10:30 बजे सितारगंज गांव निवासी करीब 30 महिलाएं, पुरुष व बच्चे थाने पहुंच गए। उन्होंने थाने का घेराव करते हुए जमकर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। महिलाओं ने आरोप लगाया कि हेमू नगला गांव के नाम पर देशी शराब की दुकान का ठेका हुआ था, लेकिन दुकान संचालक ने दुकान लेने के दौरान धोखाधड़ी कर खेमू नगला व सितारगंज दोनों गांव का पता डलवा दिया था। इसके बाद अब शराब की दुकान सितारगंज गांव में चलाई जा रही है, जबकि सितारगंज से खेमू नगला पांच किलोमीटर की दूरी पर है।
शराब पीकर पति करते हैं मारपीट
महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब की दुकान होने से गांव के छोटे-छोटे मासूम बच्चे बिगड़ रहे हैं। वहीं, आसामाजिक तत्व शराब पीकर वाहन से गुजरने वाली महिलाओं एवं लड़कियों को खराब नीयत से देखते हैं। उन पर अश्लील कमेंट करते हैं। महिलाओं का आरोप है कि शराब की दुकान बीच गांव में है जिस कारण गांव की महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं। दारू पीकर उन लोगों के पति आए दिन मारते पीटते हैं। विरोध करने पर गाली गलौज और घर का सामान भी बेच देते हैं। उन लोगों को परिवार चलाने में बहुत ही असुविधा हो रही है।
सेल्समैन लोगों को उकसा रहा है: आबकारी निरीक्षक
फरीदपुर तहसील क्षेत्र के आबकारी निरीक्षक पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि शराब की दुकान सितारगंज पूरा खेमू नगला के नाम से दी गई है। शराब की दुकान से सेल्समैन को हटाए जाने के कारण वह सेल्समैन गांव के लोगों को उकसा कर विरोध प्रदर्शन करा रहा है। संवाद