कोर्ट की फटकार से बौखलाई बरेली पुलिस का शर्मनाक चेहरा सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के बजाय पीड़िता के पीड़ित के घर ही दबिश दी। आरोप है कि पुलिस ने घर में तोड़फोड़ की और मां-बेटी से मारपीट की। पिटाई से बचने के लिए महिला छत से कूद गई।
डीजीपी को पत्र लिखने के बाद भी दहेज उत्पीड़न में फरार वारंटी की तलाश न हो सकी तो कोर्ट ने दरोगा को तलब कर फटकार लगा दी। इससे बौखलाए दरोगा ने पुलिस टीम के साथ वादी महिला के ही घर में घुसकर तोड़फोड़ मचाई। बचने को महिला छत से कूद गई, हालांकि मां ने पुलिस पर उसे छत से धक्का देने का आरोप लगाकर एसएसपी और कोर्ट से शिकायत की है। पुलिस अपने बचाव में सफाई दे रही है।
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रम्पुरा गांव की हसीना बानो ने न्यायिक मजिस्ट्रेट फरीदपुर को दिए पत्र में बताया कि उसने 2020 में अपने पति साहिल उर्फ इंस्पेक्टर निवासी फरीदपुर के खिलाफ थाना फरीदपुर में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। साहिल कई तारीखों पर कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ तो मजिस्ट्रेट ने सोमवार को फतेहगंज पूर्वी पुलिस को तलब कर उसे तत्काल गिरफ्तार करने के आदेश दिए।
पुलिस ने रात एक बजे पीड़ित के मायके रम्पुरा में ही दबिश दे दी। दरवाजा नहीं खुला तो उसे तोड़ दिया। आरोप है कि दरोगा सौरभ कुमार के साथ गए दूसरे दरोगा व चार पुलिसकर्मियों ने घर में तोड़फोड़ करते हुए हसीना बानो की मां नन्हीं को पीटा। हसीना बानो को पकड़ने की कोशिश की तो वह छत पर भागी।
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पुलिस उसके पीछे छत पर पहुंच गई। आरोप है कि पुलिस ने हसीना को धक्का दे दिया इससे वह अपने चचेरे भाई के घर में गिर पड़ी। इसके बाद टीम खिसक ली। परिजनों ने हसीना को निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। उसकी मां नन्हीं ने एसएसपी व कोर्ट से शिकायत कर पुलिसकर्मियों पर रिपोर्ट कराने की मांग की है।
मां ने लगाए गंभीर आरोप
नन्हीं ने बताया कि उनके दामाद को पकड़ने के लिए पुलिस ने आज तक कुछ नहीं किया। कोर्ट ने पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए एसएसपी से लेकर डीजीपी तक को पत्र लिखा, लेकिन फतेहगंज पूर्वी थाना प्रभारी व दरोगा हर बार आरोपी के न मिलने की बात कहकर टालते रहे। इस बार कोर्ट ने ज्यादा सख्ती की तो आरोपी के घर फरीदपुर जाने की बजाय वे पीड़ित के घर ही धमकाने चले आए। पुलिस ने ही उनकी बेटी को छत से धक्का दिया है, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कराने के लिए वह हाईकोर्ट तक जाएंगी।
थाना प्रभारी ने दी सफाई
दरोगा सौरभ कुमार का कहना है कि वे दबिश में गए ही नहीं। थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि वारंटी की तलाश में पुलिस पहले उसके घर फरीदपुर ही गई थी। वहां परिजनों ने बताया कि वह अपनी ससुराल में ही रह रहा है तो पुलिस रम्पुरा आ गई। महिला ने दरवाजा नहीं खोला तो पुलिस लौट आई। बाद में पता चला कि महिला छत से कूद गई थी।
वारंटी की तलाश में पुलिस टीम उसकी ससुराल गई थी। वहां उसके होने की सूचना थी। महिला छत से क्यों कूदी, इसकी वजह समझ नहीं आ रही है। पुलिस पर कोई आरोप है तो जांच करा ली जाएगी। - राजकुमार अग्रवाल, एसपी देहात