संघ के नेताओं से करीबी दिखाकर किया प्रभावित
मुकदमा दर्ज होने के बाद शहजिल इस्लाम का बदला व्यवहार राजनैतिक दलों के साथ ही शासन प्रशासन के लोगों को भी साफ दिखाई दिया। उन्होंने सपा की बैठकों से दूरी बना ली। यहां तक कि राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु के चुनाव के वक्त भी वह क्रॉस वोटिंग को लेकर चर्चा में रहे।
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इसके अलावा संघ के वरिष्ठ नेता व राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के शीर्ष नेतृत्व में शामिल इंद्रेश के साथ उनका फोटो खूब वायरल हुआ। तब शहजिल ने इसे निजी मुलाकात बताया। इसी दौरान विवेचना चल रही थी। पड़ताल में यह बात सामने आई कि विवेचक की खातिरदारी के साथ ही यह भी माहौल बनाया गया कि जल्द ही शहजिल केसरिया खेमे में नजर आएंगे। शायद इस वजह से ही विवेचक को दाग दिखाई नहीं दिए।
वादी भी हैरान रह गए
एफआर की जानकारी मिलने पर वादी अनुज वर्मा भी हैरान रह गए। अनुज के साथ ही हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारी कमल राणा आदि ने बृहस्पतिवार को आईजी डॉ. राकेश सिंह से मुलाकात की। सभी ने विवेचक पर सेटिंग से एफआर लगाने का आरोप लगाया है।
उन्होंने बताया कि उनके बयान दर्ज नहीं किए गए। पुलिस ने उन्हें बुलाया ही नहीं। अब उन्हें पता लगा है कि एफआर लग चुकी है। ऐसा हुआ तो आरोपी छूट जाएंगे। वह वादी पक्ष की जान को खतरा पैदा कर सकते हैं। इसलिए मामले में कार्रवाई की जाए।
आईजी रेंज डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि हिंदू युवा वाहिनी से जुड़े लोगों ने वादी के साथ आकर विवेचक की शिकायत की है। बताया है कि बिना तथ्य जुटाए या बयान लिए एफआर लगा दी है। इस मामले में एसएसपी से बात करके स्थिति दिखवाई जाएगी। एफआर निरस्त कर दोबारा जांच कराई जाएगी।
शहजिल इस्लाम से नहीं हो सका संपर्क
विधायक शहजिल इस्लाम का पक्ष जानने के लिए उनके अलग-अलग चार नंबरों पर फोन किया गया, मगर उनका कोई नंबर नहीं लगा। इसके बाद उनके करीबी एक-दो लोगों से संपर्क कर विधायक से संपर्क करने के प्रयास किए गए, मगर उनसे संपर्क नहीं हो पाने के कारण उनका पक्ष प्रकाशित नहीं हो रहा है।