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दुश्मनों ने की थीं तीनों हत्याएं, मुख्य आरोपी व उसका बेटा जेल भेजा

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उसहैत थाने में रायफल और तमंचा, रिवॉल्वर पकड़े खड़ा रविंद्रपाल दीक्षित और उसके बेटा सार्थक दीक्ष? - फोटो : BADAUN
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बदायूं। उसहैत क्षेत्र के सथरा गांव में हुई सपा नेता एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता, उनकी पत्नी शारदा गुप्ता और मां शांति देवी की हत्या में उनके पुराने दुश्मन रविंद्र पाल दीक्षित का हाथ निकला। पुलिस का दावा है कि उसके खिलाफ कई साक्ष्य मिले हैं। उसके घर से एक लाइसेंसी रायफल, एक लाइसेंसी रिवॉल्वर और एक तमंचा बरामद हुआ है। इसमें पुलिस ने रविंद्र और उसके बेटे सार्थक दीक्षित को जेल भेज दिया है।
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सोमवार शाम राकेश गुप्ता, पत्नी शारदा गुप्ता और मां शांति देवी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें राकेश गुप्ता के भाई पूर्व ब्लॉक प्रमुख एवं वर्तमान प्रधान सथरा राजेश गुप्ता ने गांव के भाजपा से जुड़े रविंद्र पाल दीक्षित, उसके बेटे सार्थक दीक्षित, अर्चित दीक्षित समेत उनके चालक विक्रम उर्फ विक्की और दो अज्ञात के खिलाफ हत्या, बलवा और साजिश रचने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है।
पुलिस ने रविंद्र और उसके बेटे सार्थक को बाद में गिरफ्तार कर लिया था। उनके अलावा एक और व्यक्ति कड़ा था, लेकिन उसका नाम एफआईआर में नहीं है। थाना पुलिस का दावा है कि आरोपी पिता-पुत्र ने कबूल किया है कि उन्होंने ही तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया। उनकी पुरानी रंजिश चली आ रही थी।
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आरोपी पिता-पुत्र का आपराधिक इतिहास
तिहरे हत्याकांड में पुलिस ने रविंद्र पाल दीक्षित के खिलाफ दो मामले दर्ज किए हैं, तो दो मामले उसके बेटे सार्थक के खिलाफ भी दर्ज हुए हैं। रविंद्र पर वर्ष 1979 व 1982 में हत्या व हत्या के प्रयास का मुकदमे दर्ज हुए। वर्ष 1985 में हत्या व बलवा तथा एक मामला वर्ष 2010 में दर्ज हुआ। वर्ष 2002 में हत्या का प्रयास, वर्ष 2017 में हत्या का प्रयास और एक बलवा का मामला दर्ज हुआ। वर्ष 2020 में भी हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ। वहीं, सार्थक के खिलाफ वर्ष 2021 में बलवा, मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ। वर्ष 2017 में हत्या का प्रयास और एक बलवा का मामला हुआ। वर्ष 2020 में हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज हुई। रविंद्र पर अब तक दस और सार्थक पर छह मुकदमे दर्ज हैं।
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