सुबह जब पिता राजेंद्र वापस नहीं आए तो बेटी को स्कूल छोड़ आठ बजे वह धर्मशाला पहुंचे। दरवाजा खटखटाने पर नहीं खुला तो दीवार कूद कर अंदर गए। चारपाई पर राजेंद्र का शव पड़ा हुआ था। बेटे के मुताबिक पिता के गले पर रस्सी का निशान था। इसके अलावा नाखून की खरोंच के निशान और हाथ पैर की उंगलियां जली थीं। वहीं शरीर पर भी चोट के निशान हैं।
मामले की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर सुभाषनगर पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम भी पहुंची। इस दौरान पुलिस फॉरेंसिक टीम को कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली है। बेटे राजेश ने किसी से भी रंजिश होने से इनकार किया है। सुभाषनगर पुलिस ने मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।