बरेली। संपत्ति कर की वसूूली के लिए सर्वोदयनगर पहुंची नगर निगम की टीम को लोगों ने उस समय घेर लिया जब टीम के सदस्यों ने दुकानों को सील किया। इस दौरान बहसबाजी और हंगामा हुआ। बाद में कुछ लोगों ने मध्यस्थता की और आंशिक भुगतान के बाद दुकानें खोलने पर सहमति बनी। तब कहीं जाकर विवाद निबटा।
नगर निगम संपत्ति कर की वसूली के लिए अभियान चला रहा है। अभियान के तहत मंगलवार को नगर निगम के कर निर्धारण अधिकारी विपिन कुलदीप के साथ कर विभाग की टीम सर्वोदयनगर, जौहरपुर, मथुरापुर और नदौसी पहुंची। टीम ने 12 दुकानों को सील किया। दुकानें सील होने की खबर मिलते ही दुकानदार एकत्र हो गए और टीम को रोक लिया। कर निर्धारण अधिकारी को खरी-खरी सुनाईं। सवाल पूछा कि सुविधाएं देते नहीं फिर टैक्स वसूली करने क्यों आ जाते हैं। नगर निगम के कर निर्धारण अधिकारी ने कहा कि सड़कें तो बनीं हैं। नगर निगम सुविधाएं भी दे रहा है पर लोग इससे संतुष्ट नहीं थे, बोले सड़कों की हालत ठीक नहीं है। इसी पर बहसबाजी और हंगामा होेने लगा। गुस्साए लोगों ने टीम का घेराव कर दिया। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी प्रदीप कुमार मिश्र ने बताया कि कर वसूली के दौरान कहासुनी और विवाद की नौबत तो आती है, लेकिन जब विभाग की टीम स्थिति स्पष्ट करती है तो विवाद खत्म होता है। ऐसा ही मंगलवार को हुआ।