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Bareilly News: पंचायतघर में दरवाजा, खिड़की लगाए बिना ले लिया भुगतान

Sat, 28 Sep 2024 04:17 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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शेरगढ़। ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत मल्साखेड़ा में निर्माणाधीन पंचायतघर में दरवाजा, खिड़की लगाए बिना ही पूर्व प्रधान व सचिव ने भुगतान ले लिया। शिकायत पर जांच हुई तो गड़बड़झाले की पोल खुल गई। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ने डीपीआरओ को रिपोर्ट भेजी तो रातोंरात दरवाजा व खिड़की लगा दिए गए।
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मौजूदा ग्राम प्रधान तारावती ने बीते दिनों डीपीआरओ से शिकायत की थी कि पूर्व प्रधान व सचिव ने पंचायतघर के अधूरे निर्माण के बावजूद भुगतान ले लिया। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में आरजीएसए योजना के अंतर्गत पंचायत भवन बनाने के लिए 17.16 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। पहली किस्त में 10.17 लाख रुपये मिले। मौजूदा ग्राम प्रधान व सचिव ने 9.13 लाख रुपये पंचायतघर के निर्माण पर खर्च कर दिए।
इसके बाद हुए चुनाव में वह निर्वाचित हो गईं। अधूरे पंचायतघर को लेकर उन्होंने रिपोर्ट मांगी तो सचिव ने उपलब्ध नहीं कराई। डीपीआरओ से शिकायत करने पर सचिव ने जो पत्रावलियां दीं उनके अनुसार पंचायतघर में दरवाजा व खिड़की लगे हुए थे जबकि मौके पर यह नहीं मिले। शिकायत पर डीपीआरओ ने जांच कराई। सूचना देने के बाद भी पूर्व ग्राम प्रधान व सचिव ने जांच में सहयोग नहीं किया। दरवाजा, खिड़की व अन्य काम के लिए 69, 244 रुपये निकालने की पुष्टि हुई। मौके पर यह नहीं लगे मिले।
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जांच अधिकारी सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) राजीव शर्मा व कंसलटेंट इंजीनियर राघिव खां ने जांच रिपोर्ट डीपीआरओ को भेजी। इसकी जानकारी होने पर शुक्रवार को ही दरवाजा व खिड़की लगा दिए गए।
वर्जन:
रिपोर्ट डीपीआरओ को भेजी गई है। दरवाजा व खिड़की लगाए बिना ही इसका भुगतान लेने की पुष्टि हुई है। पंचायतघर में शुक्रवार को दरवाजा व खिड़की लगाने की जानकारी नहीं है। - राजीव शर्मा, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत)

जांच में गबन की पुष्टि, कार्यवाहक ग्राम प्रधान व सचिव पर एफआईआर के निर्देश



मीरगंज। जांच में गबन की पुष्टि होने के बाद डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत मसीहाबाद के कार्यवाहक ग्राम प्रधान व सचिव पर एफआईआर कराने के निर्देश सहायक विकास अधिकारी को दिए हैं।



पंचायत सदस्य विनय बाबू ने बीते दिनों बैठक कराए बिना ही वेतन और साफ-सफाई के नाम पर रुपये निकाल लिए। शिकायत पर डीपीआरओ ने सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को मामले की जांच सौंपी। जांच में कार्यवाहक ग्राम प्रधान और सचिव को 10,200 रुपये के गबन का दोषी पाया गया। तीन सितंबर को उन्होंने जांच रिपोर्ट डीपीआरओ को दी। इसका संज्ञान लेते हुए डीपीआरओ ने रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। जांच अधिकारी ने बताया कि जल्द ही रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। संवाद
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