बरेली। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना में निजी अस्पताल मरीज को भर्ती किए बिना इलाज दर्शाने का फर्जीवाड़ा नहीं कर सकेंगे। अब अस्पतालों में बायोमीट्रिक मशीन का इस्तेमाल किया जाएगा। मरीज के भर्ती करने के साथ अब छुट्टी होने पर भी उसका अंगूठा बायोमीट्रिक मशीन में लगवाया जाएगा, तभी अस्पतालों को भुगतान किया जा सकेगा। बिना अंगूठा लगवाए मरीज को भर्ती करने और छुट्टी देने पर संबंधित अस्पताल का भुगतान रोक दिया जाएगा।
योजना के तहत जिले के 149 निजी और 19 सरकारी अस्पताल संबद्ध हैं। निजी अस्पताल में इलाज कराने पर सरकार भुगतान करती है। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर आयुष्मान कार्ड धारक लोगों को एक वर्ष में पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा है। जिले में छह लाख, 49 हजार, 340 आयुष्मान कार्ड धारकों में से अब तक दो लाख से अधिक योजना का लाभ उठा चुके हैं।
इनके इलाज खर्च के 195 करोड़ रुपये का भुगतान निजी अस्पतालों को किया जा चुका है। अब तक संबद्ध निजी अस्पतालों में भर्ती करने के दौरान की मरीज का बायोमीट्रिक मशीन पर अंगूठा लिया जाता था, छुट्टी के दौरान ऐसी व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में अस्पताल मनमाना बिल बना रहे थे। अब इसमें बदलाव किया है।
दरअसल, सरकार के साथ राष्ट्रीय और राज्य प्राधिकरण तक शिकायतें पहुंच रही थीं कि कई निजी अस्पताल योजना के तहत इलाज के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। मरीज को भर्ती किए बिना बिल बना कर भुगतान लिया जा रहा है। ऐसे में बायोमीट्रिक की अनिवार्यता संबंधी कदम उठाया गया है।
जिले में चिह्नित परिवार 306827
आयुष्मान योजना में पात्र 1477811
अब तक जारी कार्ड 649340
अब तक लाभ लिया 205092
निजी अस्पतालों को भुगतान 195 करोड़
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिला प्रदेश में पहले स्थान पर है। बरेली में अब तक दो लाख से ज्यादा आयुष्मान कार्डधारक योजना का लाभ ले चुके हैं। निजी अस्पतालों को नई व्यवस्था में मरीज को भर्ती और छुट्टी के समय बायोमीट्रिक मशीन पर अंगूठा लेना होगा। ऐसा न करने वाले अस्पतालों का भुगतान रोक दिया जाएगा। - डॉ. अनुराग अग्रवाल, नोडल अधिकारी पीएमजेएवाई