बरेली। जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर लग रहे ''''दाग'''' अब रंगीन चादरों से दूर होंगे। सप्ताह के सात दिन के लिए अलग-अलग रंग की चादरों की खेप अस्पताल पहुंच गई है। किस दिन कौन से रंग की चादर बिछेगी, इसकी तैयारी हो रही है। इससे जहां चादर बदले जाने को लेकर सवाल नहीं उठेंगे, वहीं मरीज और तीमारदार भी संतुष्ट रहेंगे।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी, पोषण पुनर्वास केंद्र और बच्चा वार्ड, बर्न वार्ड, टीबी वार्ड, सर्जिकल वार्ड समेत आकस्मिक बनने वाले डेंगू, मलेरिया आदि वार्ड में एक ही चादर को कई दिन तक बिछाने की शिकायतें मिलती हैं। प्रकरण का संज्ञान लेकर मंडलीय अपर निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षक डॉ. अलका शर्मा ने नई पहल की है। शुरुआत बेड की चादरों के रंग तय करने यानी कलर कोडिंग से हुई है। सभी वार्ड में बिछाए जाने वाली चादरों के लिए हर दिन के लिए अलग-अलग रंग तय किए जा रहे हैं। इसके अनुसार ही प्रतिदिन बेड पर चादरें बिछाई जाएंगी।
चादर धुली हैं या नहीं, होगी निगरानी
एडीएसआईसी के मुताबिक चादरों के रंग अलग-अलग होने से उनके बदले जाने की पुष्टि होगी। साथ ही, सफाई के लिए जो चादरें पहुंच रही हैं, उनकी भी निगरानी की जाएगी ताकि वे बगैर धुले अगले सप्ताह न बिछाई जा सकें। अगर किसी दुर्घटनाग्रस्त मरीज के खून या अन्य किसी तरह की गंदगी के दाग चादर पर लगेंगे तो उसके डिस्चार्ज होने के बाद फिर नई चादर बिछेगी ताकि अगले मरीज के संक्रमित होने की आशंका न रहे।
एनआरसी में बिछी चादर, कलर कोड तय
पोषण पुनर्वास केंद्र प्रभारी डायटिशियन रोजी जैदी के मुताबिक सीएमएस के निर्देशानुसार वार्ड में दस बेड हैं। प्रतिदिन के लिए चादरों के कलर कोड तय कर लिए गए हैं। सोमवार को बैंगनी, मंगलवार को गुलाबी, बुधवार को हरे, बृहस्पतिवार को क्रीम, शुक्रवार काे आसमानी नीला, शनिवार को नारंगी, रविवार को सफेद रंग की चादरें बिछाई जाएंगी। इमरजेंसी में 24 बेड हैं। बुधवार से यहां भी चादरें बिछ जाएंगी।
इमरजेंसी बेड पर लगे नए ऑक्सीजन फ्लो मीटर
एडीएसआईसी डॉ. अलका शर्मा को पिछले दिनों निरीक्षण में इमरजेंसी वार्ड के बेडों पर लगे फ्लो मीटर में गंदगी दिखी थी। इमरजेंसी इंचार्ज को सभी बेड पर लगे फ्लो मीटर को बदलने के निर्देश दिए थे। अब इमरजेंसी के सभी बेड पर नए ऑक्सीजन फ्लो मीटर लग गए हैं। फ्लो मीटर की गंदगी से ऑक्सीजन की शुद्धता प्रभावित होने की आशंका रहती है।