बरेली। शहर के पटेल विहार व अनुपम नगर में जन सुविधाओं की स्थिति बदतर बनी हुई है। यहां न तो सड़कें हैं, न ही सीवर लाइन। नालों की पानी की निकासी के लिए भी कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। बरसात में और भी बुरा हाल है। क्षतिग्रस्त सड़क और उस पर भरे गंदे पानी व कीचड़ की वजह से स्कूली बच्चों के साथ महिलाओं का बाहर निकलना दूभर हो गया है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि नगर निगम में लगातार शिकायतों के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। जलभराव की वजह से लोग डायरिया, बुखार, खांसी आदि बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
पटेल विहार में पानी की टंकी के पास नालियों के पानी की निकासी नहीं है। सड़कों पर भरा पानी धूप से ही सूखता है। घराें का पानी भी खली पड़े प्लॉटों या सड़क पर ही निकलता है। यह परेशानी वर्षों से बनी हुई है। क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि सड़क को ऊंचा करने का प्रस्ताव भी बना था, लेकिन नगर निगम ने इसे निरस्त कर दूसरी जगह की सड़क का निर्माण करा दिया। सभासद के साथ मिलकर कई बार वह लोग शिकायत कर चुके हैं।
सीवर लाइन नहीं तो सफाई की जिम्मेदारी किसकी
पटेल विहार और अनुपम नगर में सीवर लाइन नहीं है। जल निकासी की व्यवस्था भी नहीं है। ऐसे में वहां भरे गंदे पानी को निकालने और नालियों को नियमित साफ किए जाने की जरूरत है, लेकिन ये नहीं हो रहा। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार नगर निगम ने सुभाषनगर के लगभग सभी नाले साफ करा दिए हैं, लेकिन पटेल विहार व अनुपम नगर की हालत ज्यों की त्यों बनी हुई है।
परेशानी का जल्द से जल्द होगा हल : सभासद
वार्ड 16 के सभासद सौरभ कुमार ने कहा कि सड़क न होने की वजह से क्षेत्रवासियों को काफी समय से दिक्कत हो रही है। पिछले पांच वर्षों में क्षेत्र में कोई विकास नहीं हुआ। इधर, सड़क बनवाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। इसके बाद अचार संहिता लागू हो गई। इसी कारण सड़क नहीं बन सकी। जल्द जनता की परेशानी का हल कराया जाएगा।
अब तो रिश्तेदार भी नहीं आते
आवागमन की परेशानी की वजह से अब तो हमारे घर रिश्तेदार भी नहीं आते। सीवर लाइन भले ही पड़े, कम से कम सड़क ऊंची हो जाए। इससे बच्चों व महिलाओं की परेशानी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। - राजेश
घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी का इंतजाम नहीं है। सभासद और मोहल्ले के लोगों के साथ जाकर नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। - अमित शर्मा
15 वर्षों से हम परेशानी से जूझ रहे हैं। कुछ ही दूरी पर सड़क को ऊंचा कर दिया गया है। इसकी वजह से यह इलाका गड्ढे में चला गया है। बरसात तो दूर, यहां सालभर सड़क पर जलभराव होता है। - प्रेमपाल सिंह
सभासद से कई बार शिकायतें की। शुरुआत में सड़क को ऊंचा करने के लिए कहा गया था, लेकिन नगर आयुक्त ने इसको टाल दिया। अब दोबारा सड़क बनवाने के लिए कोशिश कर रहे हैं। - विनोद
हालत दयनीय हैं, लेकिन अधिकारी कुछ करना ही नहीं चाहते हैं। समस्या के निस्तारण का हर संभव प्रयास किया जाएगा। इस तरह के हालात होने के बाद भी अगर काम नहीं हो रहा है तो यह नगर निगम की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर रहा है। - उमेश गौतम, महापौर