पुलिस को संदेह रहा कि मना करने के बाद भी यहां से कांवड़ लेकर जत्था जा सकता है। डीजे भी ले जाया जा सकता है। इसलिए गलियों तक बैरियर और बोल्डर लगाए गए। अंदर स्थानीय लोगों के घूमने या कामकाज के लिए निकलने पर कोई पाबंदी नहीं थी।
जोगी नवादा इलाके में अधिकतर दुकानें बंद रहीं, जबकि चक महमूद की कुछ दुकानें खुली रहीं। दुकानों पर बिक्री बेहद कम रही। पुलिस प्रशासन के अधिकारी यहां घूमकर टोह लेते रहे। फोर्स ने भी गलियों में मार्च किया।
खुराफातियों के नंबर सर्विलांस पर लगाए
दोनों ही बस्तियों के आम नागरिकों को पुलिस प्रशासन सहयोग दे रहा है। मगर खुराफातियों की कड़ी निगरानी की जा रही है। इनके नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं। कुछ नंबरों की बातें भी सुनी जा रही हैं ताकि खुराफात को पहले ही निपटाया जा सके। साथ ही मोहल्ले में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाकर गलियों व छतों तक निगरानी की जा रही है।
एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि जोगी नवादा और चक महमूद में पूरी तरह शांति है। स्थानीय अमनपसंद लोग पुलिस प्रशासन के साथ हैं। एहतियात के तौर पर सुरक्षाबल और पहरा लगाया गया है। सोमवार शाम तक सख्त निगरानी रहेगी। फिर जरूरत के हिसाब से पुलिस बल ही रखा जाएगा। कांवड़ यात्रा के लिए नए सिरे से आवेदन होगा तो जांच पड़ताल के बाद नियमानुसार अनुमति देने पर विचार
किया जाएगा।