किसानों के लिए परेशानी बन रही पराली अब आय का जरिया बनेगी। बरेली की मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की ओर से तैयार पराली मंडी एप की सराहना करते हुए सरकार ने इसे प्रदेश के सभी जिलों में लागू करने पर सहमति जताई है।
पिछले दिनों मंडलायुक्त ने इस एप को तैयार कराया था। एप पर किसानों का ब्योरा दर्ज किया जाएगा। बायो कंप्रेस्ड गैस प्लांट संचालित कर रहीं कंपनियां ब्योरे के आधार पर किसानों से सीधा संवाद कर पराली की कीमत तय करने के बाद उसे उठाएंगी। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी। फिलहाल, एप पर अभी किसानों का ब्योरा अपलोड किया जा रहा है। बीते दिनों मंडलायुक्त ने रिन्यूवल एनर्जी कॉन्क्लेव में एप का प्रस्तुतीकरण दिया था, जिसे शासन ने सराहा।
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मंडल में होती है 27 लाख टन पराली
बरेली मंडल के 1.17 लाख पंजीकृत किसान सालाना करीब 5.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती करते हैं। एक हेक्टेयर में न्यूनतम पांच टन पराली होती है। इस लिहाज से मंडल में करीब 27 लाख टन पराली होती है। एप के जरिये पराली बायो गैस प्लांट तक पहुंचेगी।