बरेली। गोलीकांड के मुख्य आरोपी राजीव राना ने जब होटल ध्वस्तीकरण के दौरान आत्मसमर्पण किया तो उसकी पत्नी तारावती और बेटी कोमल भी साथ थीं। मां-बेटी ने कहा कि हम पप्पू भरतौल की दोस्ती और पप्पू गिरधारी की दुश्मनी का शिकार हुए हैं। दोनों की आपसी दुश्मनी हमें ले डूबी। मां-बेटी ने यह भी आरोप लगाया कि आदित्य और अभिराज ने गोलियां चलाई थीं। राजीव मौके पर नहीं थे। सीसीटीवी फुटेज और लोकेशन चेक करा ली जाए।
तारावती ने बताया कि उसके छोटे देवर संजय के अलावा प्लॉट पर परिवार का कोई अन्य सदस्य नहीं था। यह भी कहा कि उसके जिस मकान को तोड़ा गया है, वह बीडीए से स्वीकृत था। उसके कागजात घर में बंद थे और पुलिस वहां जाने नहीं दे रही थी। कोमल ने कहा कि हमारे पास सारे कागजात हैं, लेकिन उसे दिखाने का मौका ही नहीं दिया गया। दोनों ने न्याय की मांग की।
राजीव राना की बेटी कोमल अपने पिता की फेसबुक आईडी पर लाइव आकर कहा कि हमें भाजपा के समर्थक होने का सिला मिला है। छह दिनों में उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका ही नहीं दिया गया। उनसे कागजात मांगे जाते तो वह जरूर देते। पुलिस केवल एक ही पक्ष की बात सुन रही है।
मौके पर जब मां-बेटी हंगामा करने लगीं तो सीओ तृतीय ने उन्हें पकड़कर बैठाने का आदेश दिया। पुलिस के पहुंचने से पहले दोनों वहां से निकल गईं। वहां से दोनों ऑटो में एसएसपी दफ्तर पहुंचीं। तारावती ऑटो में बैठी रहीं और कोमल ने परिसर में जाकर एसएसपी से मिलने की इच्छा जताई। उस दौरान फरियादियों की काफी भीड़ थी। थोड़ी देर कोमल वहां खड़ी रही, फिर ऑटो में बैठकर मां के साथ निकल गई।