इस वर्ष दुर्गा पूजा महोत्सव नौ अक्तूबर से 13 अक्तूबर तक आयोजित किया जाएगा। जिसमें सप्तमी, अष्टमी, एवं नवमी के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ भंडारे का आयोजन भी होगा। महिला अपराधों को ध्यान में रखते हुए इस बार नारी सुरक्षा की थीम रखी गई है। पूजा पंडाल को सजाने के लिए कोलकाता से कारीगर बुलाए गए हैं।
धुनुची नृत्य आकर्षण का केंद्र
रामपुर बाग स्थित दुर्गाबाड़ी पंडाल की शुरुआत वर्ष 1960 में डॉ. एससी चटर्जी, डॉ. पीएम गुहा, पीसी गांगुली, पीएन राय के नेतृत्व में हुई। यहां धूमधाम से पांच दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस वर्ष इसका आगाज नौ अक्तूबर से होगा।
इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी करवाए जाते हैं। धुनुची नृत्य आकर्षण का केंद्र रहता है। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए माता की मूर्ति मिट्टी से बनवाई जाती है। महापर्व को और विशेष बनाने के लिए पश्चिम बंगाल से ढाक वादकों की मंडली बुलवाई गई है।
पालकी पर होगा मातारानी का आगमन
इज्जतनगर रोड नंबर चार स्थित दुर्गा पूजा पंडाल की स्थापना वर्ष 1956 में की गई थी। नौ अक्तूबर को माता पालकी पर विराजमान होकर आएंगी। पांच दिवसीय कार्यक्रम में 10 अक्तूबर को महासप्तमी पूजा, भंडारे के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा। 11 अक्तूबर को महाअष्टमी पूजा होगी। 12 अक्तूबर को नवमी पूजा, भंडारा और प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। 13 अक्तूबर को प्रतिमा विसर्जन के साथ महोत्सव का विश्राम होगा।