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Bareilly News: रामगंगा में ऑक्सीजन कम, जलीय जीवों का घुट रहा दम

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बरेली। नालों का जहर पीकर रामगंगा नदी बीमार हो चली है। बढ़ते प्रदूषण से पानी में ऑक्सीजन की मात्रा घट रही है। जलीय जीवों का सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। स्वच्छता अभियान बेअसर साबित हो रहे हैं। सार्थक पहल नहीं होने पर विशेषज्ञों ने रामगंगा नदी का पानी जहरीला होने की आशंका जताई है।
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बरेली कॉलेज के बॉटनी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक खरे के मुताबिक रामगंगा नदी में प्रदूषण की अहम वजह इसकी सहायक नदियों से प्रवाहित होकर पहुंच रहा घरों, उद्योगों का दूषित जल है। अब तक नगर निगम ने सरायतल्फी में एक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया है, पर उसकी क्षमता सिर्फ 32 एमएलडी है। अभी काफी मात्रा में प्रदूषित जल रामगंगा में गिर रहा है। पूर्व में हुए शोध में पता चला था कि रामगंगा नदी की मछलियां कैंसर की चपेट में आ रही हैं। कछुए भी कम हो रहे हैं। पानी में ऑक्सीजन महज एक या दो मिलीग्राम है।
पांच साल पहले केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण समिति ने भी रामगंगा नदी के पानी में खतरनाक रासायनिक पदार्थ तय मात्रा से ज्यादा होने से मछलियों को कैंसर होने का दावा था। पानी में जिंक, कैडमियम और अन्य हैवी मेटल्स मिले थे।
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बरेली कॉलेज के जंतु विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. राजेंद्र सिंह ने बताया कि 90 फीसदी मछलियों में कैडमियम, जिंक, कोबाल्ट, आयरन और लेड बड़ी मात्रा में होने की आशंका जताई। इन मछलियों के सेवन से मनुष्यों में भी घातक रसायन पहुंचने और बीमारियां होने की आशंका है। कहा कि नकटिया, किला आदि इसकी सहायक नदियां नाला बन चुकी हैं। इनके नजदीक से गुजरना मुश्किल है।

शोध छात्रों की रिपोर्ट में चौबारी पर दो मिलीग्राम और सहायक नदी नकटिया, देवरनिया, किला के आसपास 0.5 मिलीग्राम ही ऑक्सीजन मिली। एक लीटर पानी में सात मिलीग्राम या इससे ज्यादा ऑक्सीजन होनी चाहिए। पानी में स्टैंडर्ड डिजॉल्व्ड ऑक्सीजन की मात्रा चार मिलीग्राम से कम होना जलीय जीवों के लिए खतरनाक है। वहीं, बॉयोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड तीन मिलीग्राम से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
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- 12 लाख शहर की अनुमानित जनसंख्या
- 08 बड़े नाले समेत शहर में हैं छोटे-बड़े 116 नाले
- 80 फीसदी गंदगी रामगंगा में पहुंच रही देवरनिया और किला नदी से, नकटिया से 20 फीसदी
- 103 एमएलडी गंदा पानी रोज रामगंगा में गिर रहा

- तीन सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण प्रस्तावित
- 1,193 ग्राम पंचायतों के दूषित जल का आकलन नहीं
- 26 संस्थाएं रामगंगा को प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए प्रयासरत
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