वहीं कैमरों के ठीक नीचे टेंपो और डग्गामार वाहनों का जमाबाड़ा लगा था। फरीदपुर रोड पर गाड़ियों की लंबी कतार थी। साथ ही, चौराहे से सीएनजी पंप के आगे तक फलों के ठेले सड़क घेरकर लगे थे। सवारियां भरने के लिए टेंपो व ई-रिक्शों की धमाचौकड़ी मची रहती है। इससे पैदल यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी होती है। पुलिस वहां मौजूद रहती है, लेकिन अराजकता फैलाने वालों पर सख्ती नहीं करती है। हां, बिना हेलमेट बाइक चालकों को घेरकर जरूर पकड़ा जाता है।
प्रभारी एसएसपी राहुल भाटी ने बताया कि अवैध टैक्सी स्टैंड व अन्य तरह के कब्जों को हटाने के लिए ही शासन ने अभियान छेड़ा है। अभियान 31 मई तक प्रभावी है। छुटभैया नेताओं और कथित ठेकेदारों की भूमिका को लेकर जांच कराई जा रही है। इनके खिलाफ मुकदमे दर्ज गिरफ्तारी कराई जाएगी।