बरेली। नेपाल की राजधानी काठमांडू में हुए श्रमिक सम्मेलन में घरेलू मजदूरों की समस्याओं पर चर्चा हुई। 28 और 29 अगस्त को हुई इस बैठक में नेपाल, भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में शामिल होकर लौटे इंटक के प्रदेशाध्यक्ष सतीश चंद्र मेहता ने बताया कि रेडीमेड और गारमेंट सेेक्टर में ज्यादातर घरेलू वर्कर ही काम कर रहे हैं। महिलाओं की संख्या पुरुषों के मुकाबले ज्यादा है। महिला श्रमिक शोषण का भी शिकार होती हैं। इनकी सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम वेतन आदि के लिए सरकार से बात करने पर सहमति बनी। यह भी तय किया गया कि अगला श्रमिक सम्मेलन श्रीलंका या फिर बांग्लादेश में आयोजित होगा।