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Bareilly News: पीडब्ल्यूडी के सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश

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निलंबित अभियंताओं को 15 दिनों में मिलेगी चार्जशीट, मुख्य अभियंता करेंगे जांच
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बरेली। भूमि अधिग्रहण घोटाले में पीडब्ल्यूडी के सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता के खिलाफ शासन ने शनिवार को विभागीय जांच के आदेश दिए। मुख्य अभियंता प्रकरण की जांच करेंगे। मुख्य अभियंता ही 15 दिनों के भीतर निलंबित अभियंताओं को चार्जशीट जारी करेंगे। उनका जवाब मिलने के बाद अगली कार्रवाई होगी।
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बरेली-सितारगंज हाईवे और रिंग रोड के लिए अधिग्रहीत की जाने वाली जमीन पर अधिक मुआवजे लेने के लिए अस्थायी ढांचे बनाए गए थे। एनएचएआई की आउटसोर्स कंसल्टेंसी के साथ गवर्नमेंट अप्रूव्ड वैल्युअर ने मूल्यांकन किया। एनएचएआई के अभियंताओं की जांच में अधिक मूल्यांकन की पुष्टि हुई तो डीएम ने जांच कमेटी गठित कर दी। मुख्य विकास अधिकारी जगप्रवेश ने अभियंताओं की टीम के साथ जांच की। रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया कि लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन अभियंताओं ने मूल्यांकन रिपोर्ट का सत्यापन करते वक्त लापरवाही की। इसलिए तत्कालीन अधिशासी अभियंता नारायण सिंह (अब सेवानिवृत्त), सहायक अभियंता स्नेहलता श्रीवास्तव, जेई राकेश कुमार, अंकित सक्सेना और सुरेंद्र सिंह व अमीन शिवशंकर दोषी हैं। शासन ने इसी रिपोर्ट के आधार पर एई के साथ तीनों जेई और अमीन को निलंबित कर दिया था, लेकिन नारायण सिंह पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। नारायण सिंह 31 अगस्त 2024 को सेवानिवृत्त हो गए थे। उनके खिलाफ सरकारी सेवा नियमावली की धारा 351 के तहत कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उनका जवाब लेने के बाद अगली कार्रवाई होगी। अमर उजाला ब्यूरो
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