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Bareilly News: नौगवा पकड़िया में बुुखार से एक और किशोर की मौत

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मृतक राजवीर
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तीन दिन पहले बुखार आने के बाद शहर में निजी अस्पताल में कराया गया था भर्ती
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बुधवार को बरेली ले जाते समय हुई मौत, एनएस वन जांच में हुई डेंगू की पुष्टि
पीलीभीत। नौगवा पकड़िया में बुधवार रात वार्ड आठ निवासी चंद्रसेन वर्मा के पुत्र राजवीर (17) की बुखार से हालत बिगड़ने के बाद बरेली ले जाते समय मौत हो गई। बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। यहां बता दें कि नौगवा पकड़िया में अब तक 16 लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है।
चाचा वेद प्रकाश ने बताया कि राजवीर को तीन दिन पहले बुखार आया था। इसके बाद परिजन ने उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। एक निजी लैब में हुई एनएस वन जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन सेहत में कोई सुधार नहीं हो सका।
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मंगलवार रात को राजवीर को आईसीयू में भी रखा गया। बुधवार रात हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया। बरेली ले जाते समय रास्ते में ही राजवीर की मौत हो गई। बृहस्पतिवार को शव का अंतिम संस्कार किया गया। परिवार के लोग बदहवास हैं। स्वास्थ्य विभाग जांच पड़ताल कर मौत का कारण जानने की कोशिश कर रहा है। परिजन डेंगू से मौत होना बता रहे हैं।
दो माह में 50 मीटर के दायरे में हुई तीसरी मौत
राजवीर की मौत के बाद परिवार में खलबली मच गई। चंद्रसेन ने बताया कि इससे पहले एक नवंबर को उनके भाई डालचंद की पुत्री अनामिका की भी डेंगू से मौत हो चुकी है। इसके अलावा पास में ही स्थित एक अन्य महिला फरहाना की भी डेंगू से मौत हुई थी। पचास मीटर के दायरे में दो माह में तीन लोगों की डेंगू से मौत होने की बात कही जा रही है।
पिता के कंधे पर गई बेटे की अर्थी, नम हुईं सभी की आंखें
चंद्रसेन के दो बेटे थे, लेकिन अब एक रह गया। राजवीर ने इसी साल इंटर की परीक्षा पास की थी। आगे की पढ़ाई के लिए तैयारी कर रहा था। अचानक आए बुखार ने चंद्रसेन की सारी खुशियां छीन लीं। जिस पुत्र को वह अपना सहारा बनाना चाहते थे, उसी की अर्थी अपने कंधों पर लेकर जा रहे थे। यह देख सभी की आंखें नम हो गईं।
नौगवा में डेंगू से मरने वालों की संख्या 16 पहुंची
नौगवा में अक्तूबर से डेंगू और बुखार से अब तक फूलचंद्र प्रजापति, सुरेश चंद्र, खुशहालो देवी, सुरेश प्रजापति, हरचरन लाल, देवांक, फरहाना, योगेंद्र उर्फ पप्पू, अनकेश कुमार, अनामिका, ममता, लीलावती, अरबाज, जुनैद, आकाश के बाद राजवीर की मौत हो गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग अब तक सिर्फ ममता, लीलावती, फरहाना और अजीम की मौत डेंगू से होना मान रहा है।
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जांच करने पहुंची स्वास्थ्य टीम
को परिजनों ने सुनाई खरीखोटी
नौगवा पकड़िया में राजवीर की मौत के बाद बृहस्पतिवार को सीएमओ डॉ. आलोक कुमार के निर्देश पर संचारी रोग की विशेषज्ञ डॉ. महविश सिद्दीकी और राजेश जांच पड़ताल करने घर पर पहुंचे। टीम ने परिजन से संपर्क कर मौत का कारण जानना चाहा। इस पर परिजन गुस्सा हो गए। परिवार वालों का कहना था कि जानकारी देने से क्या फायदा। स्वास्थ्य विभाग सिर्फ कागजी खानापूर्ति कर रहा है। परिजन का आक्रोश देखकर टीम वहां से लौट गई।
नौगवा पकड़िया में किशोर की मौत की सूचना पर जांच पड़ताल के लिए टीम को मौके पर भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
- डॉ. आलोक कुमार, सीएमओ
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