बरेली। छुट्टा पशुओं के हमले में बीते 12 दिनों में जिले के तीन लोगों की मौत हो गई। शासन ने इस मामले में रिपोर्ट तलब की है। पशुपालन विभाग और प्रशासन की ओर से घटनाओं का विवरण शासन को भेजा गया है।
24 जनवरी को संजयनगर में सांड़ के हमले में करुणा शंकर पांडेय की जान गई थी। 29 जनवरी को सुभाषनगर क्षेत्र के नेकपुर गौटिया में छुट्टा गाय के हमले में राजवीर सिंह (65) घायल हो गए थे। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान पांच फरवरी की रात उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इससे पहले तीन फरवरी को शेरगढ़ ब्लॉक के गांव सिहोर में सांड़ के हमले में जागनलाल (65) की मौत हो गई थी।
पशुपालन विभाग के अपर निदेशक डॉ. ललित वर्मा ने बताया कि शहरी क्षेत्र में केवल निराश्रित गोवंश मौत की वजह नहीं हैं। शहर में संचालित 150 से अधिक डेयरियों के छुट्टा पशु भी शहर में घूम रहे हैं। इन पर भी पाबंदी जरूरी है। छुट्टा पशु के हमले में मौत होने पर आर्थिक मदद दिए जाने का प्रावधान है पर इसके लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट जरूरी है।
राजवीर सिंंह की बेटी रानी ने बताया कि उनके पिता 29 जनवरी को शाम पांच बजे घर से दूध लेने निकले थे। कुछ ही दूरी पर छुट्टा गाय ने हमला कर दिया। आसपास के लोगों ने उन्हें उठाया और घर छोड़ गए। इसके बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर इलाज के दौरान उनकी जान गई है। इंस्पेक्टर सुभाषनगर मदनमोहन चतुर्वेदी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।