बदायूं रोड के निर्माण में पुराने रोड के मैटेरियल का इस्तेमाल किया गया। रोड निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता से कम सामग्री लगी। इतना नहीं नहीं, रोड बनाने वाली कंपनी ने न तो साइड पटरियां बनाईं, न ही दुघर्टनाएं रोकने के लिए रिफ्लेक्टर लगाए। गुणवत्ता खराब होने की जांच पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर की निगरानी में चल रही है। इसकी रिपोर्ट इसी हफ्ते मिलने की उम्मीद है। बरेली से बदायूं फोरलेन रोड सपा सरकार में मंजूर हुई थी। शासन ने करीब 50 किलोमीटर तक रोड निर्माण के लिए 244 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। इस रोड को स्टेट हाईवे के अंतर्गत आगरा की पीएनसी कंपनी ने बनाया था। उस समय पीएनसी कंपनी के मालिक ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ मंच भी साझा किया था। तब तत्कालीन सीएम ने बरेली-नैनीताल रोड और बरेली-बदायूं रोड फोरलेन निर्माण समय से पहले पूरा करने के लिए कंपनी मालिक को मंच से शाबाशी दी थी। भाजपा सरकार रोड की गुणवत्ता की जांच करा रही है। वर्तमान में पीएनसी कंपनी के मालिक भाजपा में हैं। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर एके मिश्रा ने स्वीकार किया कि बरेली-बदायूं फोरलेन की गुणवत्ता की जांच चल रही है। बरेली-बदायूं फोरलेन के निर्माण में पुराने रोड का मैटेरियल लगाने की शिकायत हुई थी। उसकी जांच की जा रही है। जल्द ही जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।