बरेली। स्टेट जीएसटी नियमावली में सुनवाई ऑनलाइन होने के बावजूद व्यापारियों को अफसर कार्यालय बुला रहे हैं। छोटे देय भुगतान पर भी भारी पेनॉल्टी लगा रहे हैं। मामूली भूल चूक पर वाहनों को जबरन कार्यालय में खड़ा कराया जा रहा है। यह आपत्तियां भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने जीएसटी एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 ओपी चौबे के कार्यालय में मुलाकात के दौरान जाहिर की।
जिलाध्यक्ष विकास अग्रवाल का कहना था कि स्टेट जीएसटी ने सैकड़ों व्यापारियों को नोटिस भेजा है। जिसका जबाव सही देने पर भी फिर से नोटिस दे रहे हैं। सचल दल इकाइयां छोटी सी खामी पर भी व्यापारियों को परेशान कर रही हैं। कार्यालय बुलाकर उत्पीड़न किया जा रहा। एसआईबी टीम जांच के नाम पर मामूली खामियों पर भी पेनॉल्टी जमा कराने का दबाव बना रही है, जो सही नहीं है।
इन मुद्दों के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन एडिशन कमिश्नर को सौंपा गया। साथ ही, जीएसटी काउंसिल की 53वीं बैठक के निर्णय में वर्ष 2017-20 तक व्यापारियों, उद्यमियों द्वारा जमा कराई गई डिमांड में ब्याज व पेनॉल्टी वापस करने की मांग की गई। इस दौरान अमित अग्रवाल, परविंदर पाल सिंह, अनिल अग्रवाल, प्रवीन गोयल, आलोक अग्रवाल आदि मौजूद रहे। ब्यूरो