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स्मार्ट सिटी के कैमरे अब चेहरा देखते ही पहचान लेंगे अपराधी को

सार

कुछ दिन बाद शहर में स्मार्ट सिटी के तहत चौराहों पर लगे कैमरे पुलिस का काफी काम आसान करने लगेंगे। एएनपीआर मोड में कैमरे अपराधियों को उनके चेहरों और अपराध में प्रयुक्त वाहनों को नंबर प्लेट, मेक, मॉडल और कलर से देखते ही पहचान लेंगे। जल्द इसका शेड्यूल तय किया जाना है।एनपीआर सिस्टम के तहत अब तक ये सुविधाएंअब तक एनपीआर के माध्यम से हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग, स्पीड और स्पॉट लाइन का उल्लंघन करने पर आईटीएमएस के जरिए चालान काटने की सुविधा कंपनी ने शुरू कर पुलिस के सुपुर्द कर दी गई है।
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विस्तार
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बरेली। कुछ दिन बाद शहर में स्मार्ट सिटी के तहत चौराहों पर लगे कैमरे पुलिस का काफी काम आसान करने लगेंगे। इन हाईटेक कैमरों में अब एएनपीआर और एटीसीएस फंक्शन एक्टीवेट करने की तैयारी है। एएनपीआर मोड में कैमरे अपराधियों को उनके चेहरों और अपराध में प्रयुक्त वाहनों को नंबर प्लेट, मेक, मॉडल और कलर से देखते ही पहचान लेंगे। तुरंत कंट्रोल रूम और पुलिस को अलर्ट भी करेंगे।
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चौराहों पर लगे स्मार्ट कैमरे अब तक सिर्फ ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनों के चालान काटने के ही काम आ रहे हैं। अब इनमें उपलब्ध तकनीक के जरिए नई सुविधाएं शुरू करने की तैयारी है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से संबद्ध वीहांत टेक्नोलॉजी से जुड़े स्मार्ट एंड सेफ सिटी के ओवरऑल हेड शैलेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक जल्द ही ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) के तहत कई नई सुविधाएं कैमरों के जरिए मिलने लगेंगी।
यह सिस्टम एक्टीवेट होने के बाद कैमरे नंबर प्लेट के जरिए अपराध में प्रयुक्त हुए या चोरी के वाहनों को पहचानने लगेंगे। किसी अपराधी का चेहरा सामने आने पर भी तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट मेसेज भेजेंगे। इसके साथ नजदीकी थाने और चौकी पर भी अपराधी और उसके वाहन की लोकेशन भी पता चल जाएगी। इसके बाद पुलिस आसानी से उन्हें पकड़ सकेगी। एटीसीएस (एडेप्टेड ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम) के जरिए बगैर पुलिस के ट्रैफिक कंट्रोल करने के साथ आपातकालीन स्थिति में तुरंत ग्रीन कॉरिडोर भी बनाया जा सकेगा। एएनपीआर सिस्टम अब तक सिर्फ रांची में शुरू किया गया है। बरेली स्मार्ट सिटी यह सुविधा पाने वाला दूसरा शहर होगा।
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पुलिस को ट्रेनिंग देगी वीहांत टेक्नोलॉजी की टीम
एएनपीआर सिस्टम तभी काम कर पाएगा जब पुलिस अपराध से जुड़े वाहनों के नंबर, रंग और मेक जैसा ब्योरा फीड करेगी। कहीं किसी आपराधिक घटना को अंजाम देकर फरार होने वाले आरोपियों के वाहनों का रंग, नंबर या उनके फोटो और सीसीटीवी फुटेज इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को भेजनी होगी। डेटा फीड होने के बाद अपराधी अगर किसी कैमरे के सामने से गुजरेंगे तो कंट्रोल रूम को फौरन अलर्ट मेसेज मिलेगा। यह सिस्टम शुरू करने से पहले पुलिस को वीहांत टेक्नोलॉजी की टीम ट्रेनिंग भी देगी। जल्द इसका शेड्यूल तय किया जाना है।
एनपीआर सिस्टम के तहत अब तक ये सुविधाएं
अब तक एनपीआर के माध्यम से हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग, स्पीड और स्पॉट लाइन का उल्लंघन करने पर आईटीएमएस के जरिए चालान काटने की सुविधा कंपनी ने शुरू कर पुलिस के सुपुर्द कर दी गई है। बृहस्पतिवार को एटीसीएस के माध्यम से ट्रैफिक लोड के मुताबिक सिग्नल टाइमिंग की सुविधा शुरू की गई है। एएनपीआर से जल्द ही कार की सीट बेल्ट, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल पर बात करने, नंबर प्लेट कैप्चर और संदिग्ध अपराधी को पकड़ने की सुविधाएं शुरू होने वाली है।
स्मार्ट सिटी में लगे कैमरे अपराधों को रोकने के लिए महत्वपूर्ण उपकरण हैं। जल्द ही बरेली में कैमरों में उपलब्ध नई तकनीकों को शुरू किया जाएगा। इस पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े सरकारी तंत्र से कंपनी की बात चल रही है। एनपीआर की नई सुविधाएं मिलने के बाद शहर सुरक्षित रहेगा। - कपिल बरदेजा, सीईओ वीहांत टेक्नोलॉजी
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