बरेली। एनएचएआई के परियोजना निदेशक (पीडी) प्रशांत दुबे ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर अधिक मुआवजा लेने वालों से वसूली का आग्रह किया है। साथ ही, आर्बिट्रेशन की तैयारी की गई है। दोनों जांच रिपोर्ट के आधार पर ज्यादा भुगतान संबंधी मामलों को सूचीबद्ध किया जा रहा है। वसूली के साथ ही विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू होगी। सीडीओ की जांच रिपोर्ट में इसकी संस्तुति की जा चुकी है। ब्यूरो
सीडीओ की जांच में सामने आए प्रमुख मामले
- नवाबगंज तहसील के गांव गरगईया में रुखसाना पत्नी शमशाद के लिए करीब 1.69 करोड़ रुपये का अधिक भुगतान हुआ।
- नवाबगंज तहसील के ग्राम लभेड़ा उर्फ बुलंदनगर में गाटा संख्या-407 रकबा 2.782 हेक्टेयर के लिए अब्दुल शमी खां व अब्दुल वशी खां को प्रतिकर में 2.51 करोड़ रुपये का अधिक भुगतान हुआ।
- लभेड़ा उर्फ बुलंदनगर में ही गाटा संख्या-412 रकबा 9.706 हेक्टेयर के लिए भू उपयोग में बदलाव की वजह से अब्दुल शमी खां, अब्दुल हमीद खां, अब्दुल वशी खां को 2.18 करोड़ रुपये का अधिक भुगतान किया गया।
- नवाबगंज तहसील के खाईखेड़ा की गाटा संख्या-458 रकबा 0.0938 हेक्टेयर के लिए कमला भारतीय को 9.78 लाख रुपये का अधिक भुगतान किया गया है। मामले में विधिक कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
- सदर तहसील के ग्राम रिठौरा में गाटा संख्या-1521 रकबा 0.455 हेक्टेयर के लिए अशोक कुमार गुप्ता, अंजनी देवी को 10.61 लाख रुपये का अधिक भुगतान किया गया।
पीडी के खिलाफ भेजी शिकायत
एनएचएआई के परियोजना निदेशक (पीडी) के खिलाफ अधिकारियों से लेकर मीडिया तक एक पत्र भेजा गया। इसमें उन पर निजी फर्म को लाभ पहुंचाने के लिए परियोजना को अटकाने का आरोप लगाया गया है। वहीं, परियोजना निदेशक ने कहा कि हकीकत से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसका हकीकत से कोई लेनादेना नहीं है। अमर उजाला ब्यूरो