फिल्म मेरा साया के गीत ‘झुमका गिरा रे बरेली के बाजार में’ ने बरेली कोे दुनिया भर में पहचान दिलाई थी। उसी झुमके को पहचान दिलाने के लिए बनी बीडीए की योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। पहले ये झुमका डेलापीर पर रोटरी बनाकर लटकाया जाना था लेकिन जगह कम होने के चलते स्थानीय जनता के विरोध के बाद बीडीए ने इसे शहर से बाहर स्थानांतरित कर दिया। काफी मंथन करने के बाद अब बड़ा बाईपास हाइवे रामपुर रोड परसाखेड़ा तिराहे की जगह को तय किया गया है। यहां रोटरी बनाकर झुमके को लटकाया जाएगा। साइड में पार्क भी बनेगा। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने चार माह पहले डेलापीर पर रोटरी बनाकर झुमके को लटकाने की योजना तैयार की थी। तत्कालीन उपाध्यक्ष डा. शशांक विक्रम के तबादले के बाद डेलापीर से बाहर रोटरी ले जाने पर मंथन चला। कभी रजऊ परसपुर तिराहा तो कभी कर्मचारी नगर में रोटरी बनाने पर विचार किया गया। सेटेलाइट से लेकर बीसलपुर चौराहा पर भी बात नहीं बनी। अब बीडीए ने रामपुर रोड परसाखेड़ा तिराहे पर लगभग 35 लाख की लागत से रोटरी और पार्क बनाकर झुमका लटकाने की प्लानिंग को अंतिम रूप दे दिया है। इसमें झुमके की लागत आठ लाख, 12 लाख रुपये से रोटरी और 15 लाख से पार्क विकसित करने की योजना है। इसके लिए रामपुर रोड तिराहे पर दो हजार स्क्वायर मीटर जगह को चिह्नित किया गया है। चीफ इंजीनियर अजय सिंह का कहना है कि बरेली को दुनियां में झुमके के नाम से जाना जाता है। परसाखेड़ा तिराहा उत्तराखंड के साथ बरेली का भी प्रवेश द्वार है। दिल्ली और लखनऊ से पर्यटक इसी मार्ग से होकर नैनीताल, रानीखेत आदि पर्यटन स्थलों पर जाते हैं। ये पर्यटक तिराहे पर झुमका देखकर आगे बढ़ेंगे तो बरेली को भूल नहीं पाएंगे।