फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: अब मथुरा की एजेंसी पकड़ेगी नई दरों पर बंदर

विज्ञापन
विज्ञापन
दस हजार बंदरों को पकड़ने की दी गई जिम्मेदारी
विज्ञापन

बरेली। शहर से लेकर देहात तक बंदरों को पकड़ने की जिम्मेदारी नगर निगम ने मथुरा की एजेंसी इमरान कॉन्ट्रैक्टर को नई दरों पर दी है। एजेंसी को एक बंदर पकड़कर जंगलों में छोड़ने पर 738 रुपये मिलेंगे, यह रकम पिछले टेंडर से छह गुना अधिक है। एजेंसी को दस हजार बंदर पकड़ने का लक्ष्य दिया गया है।
लोकसभा चुनाव से पहले बंदरों को पकड़ने का टेंडर खत्म हो गया था। इसके बाद पुरानी एजेंसी से ही नगर निगम प्रशासन बंदरों को पकड़कर जंगलों में छोड़ने का काम ले रहा था। उस एजेंसी ने भी 15 दिन पूर्व बंदर पकड़ने से मना कर दिया। इसके बाद नगर निगम प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया पर तेजी से काम शुरू किया। पहले निगम एक बंदर पकड़कर बाहर छोड़ने पर 138 रुपये देता था, वहीं अब यह रकम प्रति बंदर पर 738 रुपये नई एजेंसी को दिए जाएंगे।
विज्ञापन


इन इलाकों में बंदरों का सबसे ज्यादा आतंक
आवास-विकास, जनकपुरी, एकतानगर, डीडीपुरम, प्रेमनगर, सुभाषनगर, बदायूं रोड, रामपुर बाग, कैंट, बागबिग्रटान, इंदिरा नगर, मुंशीनगर, कटरा चांद खां, ब्रह्मपुरा, करगैना, तिलक कॉलोनी, पटेल विहार, विश्वनाथपुरम, वीरभट्टी, राजेंद्रनगर, जगतपुर, शाहदाना, जोगीनवादा, आलमगीरीगंज, गंगानगर, जंक्शन परिसर में बंदरों का सबसे अधिक आतंक हैं। वहीं पुराने शहर में तो कई घटनाएं भी बंदरों के हमले से हो चुकी है।
- प्रतिदिन 20 लोग लगवाते हैं वैक्सीन
जिला अस्पताल में बंदरों के काटने पर प्रतिदिन करीब 20 लोग एआरवी का टीका लगवाने आते हैं। माह के मुताबिक आकलन लगाएं तो 10 से 12 हजार लोगों को प्रतिमाह बंदरों के काटने पर एआरवी का टीका लगाया जा रहा है। अब टेंडर होने के बाद इन मामलों में भी कमी आएगी। संवाद
विज्ञापन



मथुरा की एजेंसी को बंदर पकड़ने का टेंडर दिया गया है। मानक और शर्ताें को बताकर जिम्मेदारी दी गई है। पहली बार में 10 हजार बंदरों को पकड़ने का लक्ष्य दिया गया है। एक बंदर पकड़ने के लिए 738 रुपये एजेंसी को दिए जाएंगे। - आदित्य तिवारी, पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी नगर निगम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें