बरेली। सीबीएसई कक्षा-12वीं की परीक्षा पांच अप्रैल को खत्म हो रही है। इसी के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी अच्छे विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों में प्रवेश की कवायद में जुट जाएंगे। बोर्ड परीक्षा के तुरंत बाद ही उन्हें प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में जुटना पड़ेगा। विशेषज्ञों ने संतुलन बरकरार रखने के लिए कुछ अहम सुझाव दिए हैं। उन्होंने अपनी तैयारी में एक्यूरेसी बढ़ाने व सटीक उत्तर लिखने पर विशेष ध्यान देने को कहा है।
कोरोना काल के बाद पहली बार बोर्ड परीक्षा दे रहे कक्षा-12वीं के विद्यार्थी पहले से ही काफी घबराए हुए हैं। मुख्य परीक्षा में कोई कमी न रह जाए, इसके लिए वे दिन-रात तैयारी में लगे हुए हैं। बोर्ड परीक्षा समाप्त होने के अगने ही दिन से उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए परीक्षाएं आरंभ हो जाएंगी। जेईई मेन का दूसरा चरण छह से 12 अप्रैल तक होगा। नीट सात मई और सीयूईटी 21 मई को होनी है। इसके लिए पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में विद्यार्थियों की चिंता दोगुनी हो गई है।
विशेषज्ञों ने बोर्ड परीक्षा के बाद कक्षा-11 के पाठ्यक्रम पर दोबारा ध्यान देने का सुझाव दिया है। उन्होंने कॉलेजों के चयन को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया है।
मुख्य प्रवेश परीक्षाएं और उनकी तिथि
जेईई मेन- छह से 12 अप्रैल
एनडीए- 16 अप्रैल
नीट यूजी- सात मई
सीयूईटी- 21 मई
यूपीएसई- 28 मई
आईपीमैट- 16 जून
सीएलएटी- 18 दिसंबर
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बहुविकल्पीय प्रश्नों की करें तैयारी
प्रवेश परीक्षा और सीबीएसई परीक्षा का पाठ्यक्रम अधिकतर एक जैसा ही होता है, लेकिन दोनों के प्रश्नपत्र में अंतर रहता है। प्रवेश परीक्षा बहुविकल्पीय होती हैं और इसमें निगेटिव मार्किंग भी होती है। इसलिए विद्यार्थियों को अधिक से अधिक बहुविकल्पीय प्रश्नों की तैयारी करनी चाहिए। बोर्ड परीक्षा खत्म होते ही उन्हें मॉक टेस्ट को निर्धारित समय में हल करने का प्रयास करना चाहिए। - वीके मिश्रा, एनटीए कोऑर्डिनेटर व प्रधानाचार्य डीपीएस
प्रवेश परीक्षाओं में 11-12वीं कक्षा के पाठ्यक्रम में से ही प्रश्न पूछे जाते हैं। विद्यार्थियों ने एक साल पहले कक्षा-11 के विषयों को पढ़ा था, जिसे वे भूल चुके होंगे। इसलिए विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा के बाद बचे हुए समय में 11वीं के पाठ्यक्रम को तैयार करना होगा। मुख्य बिंदुओं की सूची बनाकर उससे संबंधित प्रश्न हल करने से मदद मिलेगी। - पूनम, प्रधानाचार्य, अल्मा मातेर
दोगुनी हुई छात्रों की चिंता
बोर्ड की परीक्षाएं अच्छी हो रही हैं, लेकिन उसके खत्म होते ही जेईई मेन होनी है। पहले चरण से अच्छा करने का दबाव भी है। ऐसे में चिंता दोगुनी हो गई है। गणित व विज्ञान की तैयारी विशेष रूप से की जा रही है। इससे आगे थोड़ी मदद मिलेगी। - एकांश गुप्ता
12वीं में लिखित परीक्षा होती है। उत्तर ठीक से न लिखने पर भी थोड़े अंक मिल जाते हैं, लेकिन बहुविकल्पीय प्रश्न में तो सटीक उत्तर देना होता है। इसलिए फैक्ट्स को लिख-लिखकर याद किया जा रहा है। बोर्ड परीक्षा के बाद मॉक टेस्ट हल करूंगा। - आयुष सक्सेना