बरेली। तीन सौ बेड अस्पताल में दवाओं की कमी दूर हुई तो अब अभिकर्मक (रीजेंट) खत्म हो गए हैं। इसके चलते एलएफटी, केएफटी और अन्य बायोकेमिस्ट्री संबंधित जांचें करीब सप्ताह भर से ठप हैं। सीबीसी टेस्ट मशीन कई दिनों से खराब होने से रक्त संबंधी तमाम जांचों के लिए मरीजों को जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है। फिलहाल अस्पताल में कार्ड से ही कुछ जांचें की जा रही हैं।
अमर उजाला की टीम सोमवार दोपहर एक बजे तीन सौ बेड अस्पताल पहुंची थी। दो काउंटर पर फार्मासिस्ट धर्मशंकर के निर्देशन में दवाओं का वितरण हो रहा था। सभी जरूरी दवाएं मौजूद थीं। ओपीडी में 700 से ज्यादा मरीज इलाज कराने पहुंचे थे। 180 लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन लग चुकी थी। सर्दी, जुकाम, बुखार और पेट दर्द संबंधी सर्वाधिक मरीज फिजीशियन के पास इलाज के लिए पहुंचे थे। नेत्र और त्वचा रोग की ओपीडी में भी काफी भीड़ रही।
फिजीशियन डॉ. अकीक के मुताबिक तापमान में उतार-चढ़ाव से बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। इस दौरान जरा सी लापरवाही उन्हें बीमार बना सकती है। दवा के साथ बचाव के उपाय भी जरूरी हैं। पर्चा काउंटर पर पिछले दिनों एक रुपये का पर्चा बनने का मामला उजागर होने के बाद अब निशुल्क पर्चे बनते मिले। लैब में मलेरिया, कोविड, डेंगू आदि के कार्ड टेस्ट ही किए जा रहे हैं।
सीबीसी मशीन खराब होने से बढ़ी परेशानी
पैथोलॉजी में सन्नाटा पसरा हुआ था। लैब टेक्नीशियन के मुताबिक कार्ड टेस्ट के अलावा रीजेंट के अभाव में अन्य जांचें नहीं हो पा रही हैं। इसमें केएफटी, एलएफटी समेत अन्य जांच और सीबीसी शामिल हैं। बताया कि सीबीसी टेस्ट के जरिये हीमैटोलॉजी संबंधी आरबीसी, ल्यूकोसाइट्स, न्यूट्रोफिल, इसनोफिल, बेसोफिल, लिम्फोसाइट, मोनोसाइट, प्लेटलेट्स की पहचान और गणना होती है। रीजेंट खत्म होने की सूचना सप्ताह भर पहले ही उच्चाधिकारियों को दे दी गई है, लेकिन अब तक उपलब्ध नहीं हो सका।
नहीं दूर हो सकी मरीजों की परेशानी
कुतुबखाना पुल निर्माण के चलते मरीजों को जिला अस्पताल पहुंचने में हो रही परेशानियों को देखते हुए ओपीडी 300 बेड अस्पताल में शिफ्ट की गई थी। इसके बावजूद मरीजों की परेशानी दूर नहीं हो सकी। लैब में रीजेंट न होने से मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। इससे जिला अस्पताल की लैब पर भी भार बरकरार है और मरीजों को भी राहत नहीं मिल पा रही है।
-
रीजेंट खत्म होने का मामला संज्ञान में है। एक-दो दिन में इसे उपलब्ध करा दिया जाएगा।
डॉ. बलवीर सिंह, सीएमओ