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UP: सांसद धर्मेंद्र यादव और विधायक आशुतोष मौर्य को अदालत में पेश होने का नोटिस जारी, इस तारीख को होगी सुनवाई

Fri, 03 Jan 2025 09:30 PM IST
श्याम जी. संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

सपा सांसद धर्मेंद्र यादव और बिसौली से विधायक आशुतोष मौर्य आदि के मामलों में न्यायालय में दाखिल अपील स्वीकार हो गई है। सभी को न्यायालय में पेश होकर अपना पक्ष रखने का आदेश न्यायालय ने जारी किया है। 
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धर्मेंद्र यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आजमगढ़ से समाजवादी पार्टी के सांसद व बदायूं के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव और बिसौली से विधायक आशुतोष मौर्य आदि के मामलों में न्यायालय में दाखिल अपील स्वीकार हो गई है। सभी को न्यायालय में पेश होकर अपना पक्ष रखने का आदेश न्यायालय ने जारी किया है। दोनों मामलों की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायालय एमपी एमएलए कोर्ट पूनम सिंह के यहां होगी। जारी नोटिस में धर्मेंद्र यादव के मामले में शनिवार चार जनवरी की तारीख लगी है। वहीं, आशुतोष मौर्य आदि के मामले में सुनवाई 16 जनवरी को होगी।

 

बता दें साल 2022 में विधानसभा के चुनाव के दौरान पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव सहित कई व्यक्तियों पर मुकद्दमा पंजीकृत कराया गया था। आरोप था कि उन्होंने विधानसभा चुनाव में लाभ लेने के लिए उपहार बांटे थे। महामारी अधिनियम का उल्लंघन किया था। इस पर थाना सिविल लाइंस पर पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव सहित 29 लोगों पर केस पंजीकृत हुआ था। पुलिस ने इस मामले में आरोप पत्र भी न्यायालय में दाखिल किया, जहां उन सभी पर न्यायाधीश लीलू चौधरी के न्यायालय में विचारण हुआ। इसमें 28 जून 2024 को धर्मेंद्र यादव सहित सभी आरोपी को दोषमुक्त करार दिया गया।

 

दूसरे मामले में साल 2022 में विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान मंडी समिति पर कुछ अराजक तत्वों द्वारा उप जिला मजिस्ट्रेट बिसौली के सरकारी वाहन को रोकना तथा उनसे अभद्रता करने के मामले में सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें विधायक आशुतोष मौर्य, हिमांशु यादव आशीष यादव, रचित गुप्ता, कैप्टन अर्जुन सिंह तथा काजी रिजवान के विरुद्ध पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। इन सभी का विचारण भी न्यायाधीश लीलू चौधरी के न्यायालय में हुआ।

 

जहां 5 जून 2024 को इन सभी को दोषमुक्त कर दिया गया। फैसले के विरोध में शासकीय अधिवक्ता ने शासन से अनुमति लेकर सत्र न्यायाधीश के यहां अपील दायर की, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। इसमें सुनवाई के लिए नोटिस जारी कर दिए गए हैं।

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