बरेली। अशरफ के साले सद्दाम की मुश्किलें अभी और बढ़ने वाली हैं। बृहस्पतिवार को पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। अब इसे बढ़ाने की तैयारी है। जल्द ही पुलिस इसकी घोषणा कर सकती है।
जेल में बंद अशरफ की मदद के लिए उसका साला सद्दाम यहां खुशबू एंक्लेव में आकर रह रहा था। उमेश पाल हत्याकांड में अशरफ का नाम आने के बाद पता चला कि सद्दाम बरेली में रहकर लल्ला गद्दी के साथ अशरफ का नेटवर्क तैयार कर रहा था। गुर्गों से उसकी मुलाकात कराने में मदद कर रहा था। अतीक अहमद और अशरफ के गुर्गे सद्दाम के कमरे पर आकर रुकते थे। पीलीभीत रोड पर स्थित रेस्टोरेंट सभी पार्टी करकते और सद्दाम उनको जेल ले जाकर अशरफ से मिलवाता था। इस खुलासे के बाद अशरफ के मददगारों के खिलाफ बिथरी चैनपुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।
मुकदमे में लल्ला गद्दी समेत कई लोग जेल जा चुके हैं, लेकिन अशरफ का साला सद्दाम फरार है। लखनऊ एसटीएफ और बरेली एसआईटी को उसका सुराग नहीं लग पा रहा है। सूत्रों के मुताबिक सद्दाम लगातार लोकेशन बदल रहा है। वह दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, हैदराबाद में छिपा हो सकता है। एसपी सिटी राहुल भाटी ने कहा कि सद्दाम की तलाश की जा रही है। इनामी राशि बढ़ाई जा सकती है।
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अशरफ और सद्दाम का चहेता था असद, बरेली में आकर रुकता था
माफिया अतीक अहमद का तीसरा बेटा असद अपने चाचा अशरफ का चहेता था। अशरफ ही असद को गोली चलाने और घुड़सवारी की ट्रेनिंग देता था। असद के एनकाउंटर के बाद एक शादी समारोह का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें अशरफ अपने भतीजों को पिस्टल देकर फायरिंग करने को बोल रहा है और उसका दूसरे नंबर का भतीजा अली पिस्टल से तड़ातड़ गोलियां चला रहा है। अशरफ के साले सद्दाम से भी असद की अच्छी बनती थी। वह सद्दाम को मामू कहता था। असद अक्सर अपने चाचा से मुलाकात करने बरेली आता था और सद्दाम के साथ खुशबू एंक्लेव स्थित उसके कमरे पर रुकता था। सद्दाम लगातार अशरफ की मदद कर रहा था। दूसरी ओर प्रयागराज पुलिस अतीक के गैंग में सद्दाम का नाम शामिल करने की तैयारी कर रही है।